
औरंगाबाद: पुलिस ने फर्जी आईपीएस बन सरकारी अफसरों को गुमराह करने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है। औरंगाबाद के एसपी अम्बरीश राहुल ने ही टाउन थाने के थानेदार को खबर दी। उन्होंने थानेदार को बताया कि एक युवक खुद को ट्रेनी आईपीएस बता कर अफसरों और कर्मचारियों को झांसा देने में लगा है। इस खबर के मिलते ही टाउन थाने की पुलिस फोर्स के साथ निकल गई। इसी दौरान जांच में उसकी लोकेशन सिन्हा कॉलेज,औरंगाबाद मिली। टीम वहां पहुंची तो देखा कि आरोपी खुद को ट्रेनी आईपीएस बताकर पुलिस अफसरों के साथ बी बदसलूकीपर उतरा हुआ था। पुलिस ने फौरन उसे हिरासत में ले लिया।
उसकी हरकतों पर शक होने के बाद पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की तो उसने बताया कि उसका नाम आशीष कुमार, पिता-अजय कुमार चौधरी, ग्राम-नारायणपुर, थाना-नारायणपुर, जिला-भोजपुर है। लेकिन जब पुलिस ने इसके लिए नारायणपुर थाने से जानकारी मांगी तो पता चला कि इस नाम पते का कोई शख्स है ही नहीं। ऐसे में पुलिस ने उसका मोबाइल फोन लिया और डिटेल निकाली तो पता चला कि उसका नाम और पिता का नाम सही है, लेकिन उसने पता गलत दिया था। वो नारायणपुर गांव का न होकर करवा गांव का रहने वाला है, जो मुफस्सिल भोजपुर के इलाके में आता है।
इसके बाद पुलिस ने थोड़ी और कड़ाई की तो उसने एक और बड़ा राज उगल दिया। आशीष ने बताया कि वो पहले भी फर्जी एयर चीफ मार्शल बन कर लोगों को ठग चुका है। इस केस में उसे आंध्र प्रदेश के त्रिमूलगिरी थाने ने गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया था। पुलिस को आशीष के मोबाइल फोन में एक फोटो भी मिली, जिसमें वो आईपीएस की वर्दी पहने हुए था। गिरफ्तार व्यक्ति के पास से पुलिस ने फर्जी दस्तावेज. पुलिस एकेडमी का फर्जी आईडी कार्ड और विभिन्न आईपीएस अधिकारियों की वर्दी पहने हुआ फर्जी फोटो बरामद किए हैं। वहीं पीले रंग का एक अशोक स्तंभ जो की प्लास्टिक के डिब्बा में था, मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड और एटीएम भी बरामद किया गया है।






