पटना। राजधानी पटना में साइबर अपराध के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत आर्थिक अपराध इकाई को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. राजधानी में बढ़ते साइबर फ्रॉड के मामलों के बीच यह कार्रवाई आम लोगों के लिए राहत की खबर बनकर सामने आई है. बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई और साइबर थाना पटना की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है.
गुप्त सूचना के बाद आर्थिक अपराध इकाई और साइबर थाना पटना की टीम ने त्वरित और सुनियोजित रणनीति के तहत दानापुर थाना क्षेत्र के सगुना मोड़ और रूपसपुर थाना क्षेत्र के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. इस दौरान तीन अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई कर कुल 22 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार आरोपियों में 15 महिलाएं भी शामिल हैं, जो इस साइबर ठगी नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभा रही थीं. यह गिरोह कॉल सेंटर के जरिए आम नागरिकों को ठगने का काम कर रहा था और लंबे समय से पुलिस की नजर में था. छापेमारी के दौरान पुलिस ने साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं.

इनमें 19 लैपटॉप, 1 डेस्कटॉप कंप्यूटर, 53 मोबाइल फोन और 12 एटीएम कार्ड शामिल हैं. इसके अलावा कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत भी जब्त किए गए हैं, जो इस गिरोह की कार्यप्रणाली को उजागर करने में मददगार साबित होंगे. प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी विभिन्न साइबर कैफे के माध्यम से लोगों का निजी डाटा अवैध रूप से हासिल करते थे. इसके बाद आधार कार्ड सेंटर या अन्य सरकारी और गैर-सरकारी सेवाओं का झांसा देकर कॉल कर आम नागरिकों को भ्रमित करते और ठगी को अंजाम देते थे. फिलहाल सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में आगे की कार्रवाई कर रही है.







