पटना। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार सरकारी अस्पतालों में गुणवत्ता सुधार को सर्वोच्च प्राथमिकता के रूप में आगे बढ़ा रही है। श्री पांडेय ने आज बयान जारी कर कहा कि बेहतर आधारभूत संरचना, मानक आधारित सेवा प्रणाली और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि आम नागरिकों को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में ही विश्वसनीय, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हों। इसी दिशा में राज्य के 91 नए स्वास्थ्य केंद्रों को राज्य स्तरीय एनक्यूएएस एवं लक्ष्य से प्रमाणित किया गया है, जो स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता उन्नयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
मंत्री ने कहा कि राज्य के मधुबनी एवं अरवल जिला अस्पताल सहित समस्तीपुर के दलसिंहसराय अनुमंडलीय अस्पताल एनक्यूएएस एवं लक्ष्य दोनों से प्रमाणित हुए हैं, जबकि शेष स्वास्थ्य संस्थानों को एनक्यूएएस प्रमाणीकरण प्राप्त हुआ है।उन्होंने कहा कि एनक्यूएएस एवं लक्ष्य से प्रमाणित होने पर अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण, प्रसूति सेवाओं की गुणवत्ता, मरीजों की सुरक्षा, स्वच्छता, दवा उपलब्धता और सेवा मानकों का नियमित आकलन सुनिश्चित होता है। इससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी, मरीजों के विश्वास में वृद्धि और सेवा की पारदर्शिता मजबूत होती है। 91 प्रमाणित स्वास्थ्य केंद्रों में 84 स्वास्थ्य केंद्र समुदाय स्तर पर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर-स्वास्थ्य उपकेंद्र हैं। श्री पांडेय ने कहा कि सरकार की पूरी कोशिश है कि ग्रामीण स्तर पर रहने वाले लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उनके नजदीक ही उपलब्ध हो।
इससे प्राथमिक स्तर पर ही रोगों की पहचान और उपचार संभव हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं एवं बुजुर्गों को समय पर देखभाल मिल रही है। रेफरल की आवश्यकता में कमी आई है और जिला अस्पतालों पर अनावश्यक दबाव भी घटा है। ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत कर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और विश्वास दोनों को सुदृढ़ किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार चरणबद्ध तरीके से सभी स्वास्थ्य संस्थानों को गुणवत्ता मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके तहत प्रशिक्षण, संसाधनों की उपलब्धता, नियमित निरीक्षण एवं डिजिटल मॉनिटरिंग की व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में और अधिक स्वास्थ्य संस्थानों को एनक्यूएएस एवं लक्ष्य से प्रमाणित कर बिहार को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है।







