अररिया: अररिया में दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर विवाहिता की हत्या करने के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अररिया व्यवहार न्यायालय के एडीजे चतुर्थ रवि कुमार की अदालत ने दहेज हत्या के एक मामले में बसमतिया गांव निवासी बाप-बेटे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं चुकाने की स्थिति में दोनों को छह-छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
अदालत ने सत्र वाद संख्या 702/2024 में सुनवाई पूरी करने के बाद सजा के बिंदु पर फैसला सुनाते हुए मृतका के पति कुंदन यादव और ससुर महानंद यादव को दोषी करार दिया। मामला नरपतगंज थाना क्षेत्र के बसमतिया गांव का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, नरपतगंज थाना क्षेत्र के बरदाहा गांव निवासी भुवनेश्वरी यादव की पुत्री बुलबुल देवी की शादी हिंदू रीति-रिवाज से बसमतिया वार्ड संख्या 8 निवासी महानंद यादव के पुत्र कुंदन यादव के साथ हुई थी। शादी के कुछ ही दिनों बाद ससुराल पक्ष द्वारा दहेज में एक बुलेट बाइक और दो लाख रुपये नकद की मांग की जाने लगी। मायके पक्ष द्वारा मांग पूरी नहीं किए जाने पर बुलबुल देवी को लगातार प्रताड़ित किया जाता रहा।
बताया गया कि शादी के करीब दो वर्ष बाद, 24 अगस्त 2024 को ससुराल में ही बुलबुल देवी की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। इस संबंध में मृतका के पिता द्वारा बसमतिया थाना में कांड संख्या 31/2024 दर्ज कराई गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर मृतका के पति कुंदन यादव और ससुर महानंद यादव को दोषी पाया। इसके बाद अदालत ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए आर्थिक दंड भी लगाया। गौरतलब है कि इस फैसले को दहेज हत्या के मामलों में एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।







