पटना। बिहार में राजस्व अमीनों की लंबित मांगों को लेकर नाराजगी अब सड़क पर दिखाई देने लगी है। वेतनमान, स्थानांतरण नीति, फील्ड ड्यूटी के दौरान सुरक्षा और भत्तों समेत कई मांगों को लेकर बिहार राजस्व अमीन संघ ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से उनकी समस्याओं पर जल्द निर्णय लेने की मांग की।
धरने के दौरान अमीनों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और कहा कि लंबे समय से उनकी समस्याओं को लेकर सरकार के स्तर पर आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन कई मुद्दों का अब तक समाधान नहीं हो सका है। संघ की प्रमुख मांगों में राजस्व अमीनों के वेतनमान को लेवल-6 किए जाने की मांग शामिल है।
प्रदर्शनकारियों ने फील्ड में काम करने वाले अमीनों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए। अमीनों को जमीन की मापी और सर्वेक्षण जैसे कार्यों के लिए विभिन्न इलाकों में जाना पड़ता है। उनका कहना है कि फील्ड ड्यूटी के दौरान कई तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, ऐसे में कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था जरूरी है।
स्थानांतरण नीति को लेकर भी अमीनों ने नाराजगी जताई। उनका कहना है कि स्थानांतरण प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया जा रहा है, लेकिन अभी तक प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। प्रदर्शनकारियों ने स्थानांतरण को लेकर स्पष्ट और पारदर्शी नीति लागू करने की मांग की।
इसके अलावा फील्ड में कार्यरत अमीनों को यात्रा भत्ता यानी TA/DA और इंटरनेट भत्ता देने की मांग भी उठाई गई। अमीनों का कहना है कि उनके काम का बड़ा हिस्सा फील्ड से जुड़ा है, इसलिए काम के दौरान होने वाले खर्चों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक भत्ते उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
नई एसओपी यानी मानक संचालन प्रक्रिया को लेकर भी कर्मचारियों ने सवाल उठाए। उनका कहना है कि नई व्यवस्था लागू कर दी गई, लेकिन कर्मचारियों को इसके प्रावधानों की पर्याप्त जानकारी, स्पष्ट दिशा-निर्देश और आवश्यक प्रशिक्षण नहीं दिया गया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राजस्व व्यवस्था में अमीनों की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसलिए सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द समाधान निकालना चाहिए।







