पटना: बिहार की सत्ताधारी पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) के भीतर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को राजनीति में लाने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। हाल ही में मुकुंद सेना की ओर से की गई भूख हड़ताल के बाद, अब पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों ने भी खुले तौर पर निशांत के नेतृत्व की वकालत शुरू कर दी है। कांटी से जेडीयू विधायक अजीत कुमार ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भावुक अपील करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने अपना पूरा जीवन समाज सेवा में लगा दिया है, अब समय आ गया है कि उनके पुत्र निशांत पार्टी की कमान संभालें।
विधायक ने कहा कि निशांत युवा हैं, इंजीनियर हैं और उनके पास बिहार के विकास का विजन है। उनके राजनीति में आने से कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरेगा और ‘बेहतर बिहार’ के सपने को गति मिलेगी। उधर, निशांत को राजनीति में लाने की यह मांग तब तेज हुई जब पटना के गर्दनीबाग में ‘मुकुंद सेना’ के कार्यकर्ताओं ने 12 घंटे की भूख हड़ताल की। मुकुंद सेना के अध्यक्ष मुकुंद कुमार ने साफ कहा कि अगर निशांत को राजनीति में लाने का फैसला जल्द नहीं लिया गया, तो जेपी गोलंबर पर 24 घंटे का बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने तर्क दिया कि निशांत एक शिक्षित युवा हैं और हर समुदाय के लोग उन्हें उम्मीद की नजर से देख रहे हैं। सिर्फ विधायक ही नहीं, बल्कि सरकार के मंत्री और संगठन के बड़े पदाधिकारी भी इस सुर में सुर मिला रहे हैं। मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि पूरी पार्टी चाहती है कि निशांत राजनीति में आएं, हालांकि अंतिम फैसला निशांत और मुख्यमंत्री को ही लेना है। वहीं पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मनीष कुमार वर्मा ने भी कार्यकर्ताओं की भावनाओं का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी का हर सदस्य चाहता है कि निशांत जल्द ही अपने राजनीतिक भविष्य पर निर्णय लें।







