
शेखपुरा: बिहार के शेखपरा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे एक शिक्षक की बुधवार को अचानक मौत हो जाने से हड़कंप मच गया। मौत की खबर मिलते ही जिले के सैकड़ों शिक्षक सदर अस्पताल पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। आक्रोशित शिक्षकों ने डायट के प्रधानाचार्य सुशांत सौरभ पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें इस मौत का जिम्मेदार ठहराया है। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराना पड़ा। जानकारी के अनुसार, शेखपुरा जिले के स्टेशन रोड स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में पांच दिवसीय प्राथमिक विद्यालय शिक्षकों का प्रशिक्षण चल रहा था।
इसी दौरान प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे शिक्षक मनोज सिंह (50) की अचानक तबीयत बिगड़ गई। साथी शिक्षक उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। मृतक के साथ प्रशिक्षण ले रहे शिक्षकों का आरोप है कि प्रशिक्षण के दौरान डायट के प्रधानाचार्य सुशांत सौरभ का व्यवहार शिक्षकों के प्रति ठीक नहीं था। आरोप लगाया गया कि प्रधानाचार्य द्वारा लगातार शिक्षकों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। इसी क्रम में मनोज सिंह और उनके एक अन्य साथी को पत्र जारी कर जुर्माना भी लगाया गया था, जिससे वे काफी तनाव में थे। शिक्षकों का कहना है कि इसी मानसिक दबाव के कारण मनोज सिंह की तबीयत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। वहीं, सैकड़ों की संख्या में शिक्षकों ने सदर अस्पताल पहुंचकर जमकर हंगामा किया और प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हंगामा बढ़ता देख टाउन थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गई। इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) भी सदर अस्पताल पहुंचे और घटना की जांच शुरू कर दी है। वहीं, आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए डायट के प्रधानाचार्य सुशांत सौरभ ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि शाम के समय उन्हें मनोज सिंह की तबीयत खराब होने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद उन्हें घर जाने की सलाह दी गई थी।






