Home बिहार कुवैत में दरभंगा युवक की मौत, मुजफ्फरपुर हत्या का खुलासा; अररिया में...

कुवैत में दरभंगा युवक की मौत, मुजफ्फरपुर हत्या का खुलासा; अररिया में प्रसूता मौत पर बवाल

158
0
Darbhanga youth dies in Kuwait, Muzaffarpur murder revealed; Araria woman dies in childbirth, sparks uproar

पटना: दरभंगा जिले के टेकटार गांव के निवासी मिथिलेश कुमार दास की कुवैत में इलाज के दौरान मौत हो गई, जिससे उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पिछले 18 वर्षों से कुवैत की एक निजी कंपनी में मजदूरी कर पूरे परिवार का भरण-पोषण करने वाले मिथिलेश को 8 दिसंबर को ब्रेन हेमरेज हुआ था, जिसके बाद 1 जनवरी को उन्होंने दम तोड़ दिया। घर के इकलौते कमाऊ सदस्य के निधन से पत्नी और चार मासूम बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। पीड़ित परिवार ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई है कि मृतक के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द स्वदेश लाने की व्यवस्था की जाए ताकि परिजन उनका अंतिम संस्कार कर सकें। अररिया के फारबिसगंज स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान छह महीने की गर्भवती महिला की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की।

परिजनों का आरोप है कि गांव के एक दलाल के झांसे में आकर महिला को अनुमंडलीय अस्पताल के बजाय साईं हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां चिकित्सक की अनुपस्थिति में कंपाउंडर ने बिना डॉक्टरी सलाह के स्लाइन और इंजेक्शन दे दिया, जिससे महिला की स्थिति बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। घटना से आक्रोशित लोगों ने अस्पताल में आगजनी की, जिसे मौके पर पहुंचे एसडीपीओ मुकेश कुमार साहा और पुलिस बल ने समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने पीड़ित पति की शिकायत पर मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई और जांच का आश्वासन दिया है। मुजफ्फरपुर के औराई थाना क्षेत्र में मोबाइल रिपेयरिंग संचालक अर्जुन कुमार की हत्या का पुलिस ने सफल उद्भेदन करते हुए सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस जांच के अनुसार, इस हत्या की साजिश अर्जुन के ही चचेरे भाई जितेंद्र ने रची थी और सुपारी देकर अपने भाई को मौत के घाट उतरवाया था।

GNSU Admission Open 2026

हत्याकांड की मूल वजह पारिवारिक विवाद और अवैध संबंधों का विरोध करना बताया गया है, जिससे नाराज होकर जितेंद्र और उसके साथी रोहित ने अपराधियों के साथ मिलकर 30 दिसंबर को अर्जुन को गोली मरवा दी थी। ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर के नेतृत्व वाली विशेष टीम ने घटना के महज तीन दिनों के भीतर तीन अपराधियों को गिरफ्तार कर उनके पास से हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिया है। बिहार सरकार ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में तैनात एसपी सुबोध कुमार विश्वास के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए उन्हें दंडित किया है। औरंगाबाद के दाउदनगर में एसडीपीओ के पद पर रहते हुए वर्ष 2009 के एक मामले में त्रुटिपूर्ण पर्यवेक्षण करने का आरोप उन पर प्रमाणित पाया गया है। गृह विभाग द्वारा जारी संकल्प के अनुसार, संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के परामर्श के बाद उन पर 30 अक्टूबर 2026 तक वेतन मान में एक स्तर की कटौती का दंड लगाया गया है। हालांकि, यह सजा बिना संचयी प्रभाव के होगी और इसका उनकी पेंशन पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा।

GNSU Admission Open 2026