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दरभंगा जंक्शन हादसा: टावर गिरा, दो युवकों की मौत; कंपनी पर लापरवाही के आरोप

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Darbhanga Junction accident: Tower collapses, killing two youths; company accused of negligence

दरभंगा: दरभंगा जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या 1 पर सोमवार देर रात हुए दर्दनाक हादसे में दो युवकों की मौत हो गई। दोनों युवक स्टेशन परिसर में टेलीकॉम कंपनी के लिए काम करते थे। बताया गया कि टावर पर काम करने के दौरान अचानक टावर टूटकर गिर पड़ा, जिससे दोनों की मौत हो गई। घटना की सूचना परिजनों को दे दी गई है। फिलहाल जीआरपी और आईपीएफ ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया है। प्लेटफॉर्म–1 के पास टावर गिरने से खगड़िया जिले के दो युवकों की मौत हुई है। मृतकों की पहचान जयवीर कुमार (25 वर्ष), निवासी शेर, वार्ड 14, थाना गोगरी, जिला खगड़िया, और उसके साथी घनश्याम पासवान के रूप में हुई।

दोनों पिछले पाँच वर्षों से टेलीकॉम कंपनी शिवांशी ग्रुप यूनिट नालंदा के संवेदक राजू कुमार के अधीन कार्यरत थे। मृत जयवीर के पिता अरविंद कुमार यादव द्वारा जीआरपी दरभंगा को दिए गए आवेदन के मुताबिक, 16 नवंबर को संवेदक राजू कुमार ने फोन कर दोनों युवकों को दरभंगा में काम के लिए बुलाया था। उसने बताया था कि वह उनके खाते में एक हजार रुपये भेज रहा है और दोनों तत्काल दरभंगा पहुँचकर टावर का काम करें। इसी सूचना पर जयवीर और घनश्याम दरभंगा पहुंचे। 17 नवंबर की रात घनश्याम ने फोन पर परिजनों को बताया कि दरभंगा स्टेशन पर टावर का काम करते समय अचानक टावर टूटकर गिर गया। हादसे में जयवीर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल घनश्याम की राजपुर ले जाते समय रास्ते में मृत्यु हो गई। सूचना पर परिजन और ग्रामीण स्टेशन पहुंचे तो देखा कि जयवीर कुमार का शव रेल थाना दरभंगा के ठीक सामने प्लेटफॉर्म पर पड़ा था। परिजनों के अनुसार, टावर काफी पुराना था और उसके नीचे जंग लगा हुआ था।

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मृतक के पिता अरविंद यादव ने आरोप लगाया कि संवेदक राजू कुमार ने निजी स्वार्थ में बिना किसी सेफ्टी के दोनों को पुराने टावर पर चढ़ा दिया। टावर कमजोर होने के कारण टूट गया, जिससे दोनों की मौत हो गई। यह पूरी तरह से संवेदक और कंपनी की लापरवाही है। उन्होंने कहा कि कंपनी की ओर से न सेफ्टी किट दिया जाता था और न ही सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता था, जबकि टावर पर चढ़ना अत्यंत जोखिम भरा काम था। अरविंद यादव ने सवाल उठाया कि अब उनके बेटे की पत्नी और मासूम बच्ची का भरण–पोषण कौन करेगा। उन्होंने कहा कि परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है और सरकार व प्रशासन से उचित मुआवजा एवं न्याय की मांग की है। जीआरपी थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों द्वारा दिए गए आवेदन और लगाए गए आरोपों के आधार पर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।



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