पूर्णिया: पूर्णिया जिले के अमौर थाना परिसर में बुधवार को हवलदार आलमनाथ भूइयां (40 वर्ष) का खून से लथ-पथ शव उनके गार्ड आवास में पाया गया। शव के गले में गोली के आर-पार निशान देखे गए, जिससे घटनास्थल पर मौजूद सभी लोग स्तब्ध रह गए। घटना की जानकारी सबसे पहले कैंटीन का रसोइया मिला, जो रोजाना की तरह हवलदार के लिए खाना लेकर उनके कमरे में गया। कमरे का दरवाजा अंदर से खुला था, लेकिन कमरे में पहुंचे रसोइए को हवलदार जमीन पर गिरे हुए और चारों तरफ खून फैला हुआ मिला। शोर मचाने के बाद रसोइए ने तुरंत अमौर थानाध्यक्ष को सूचित किया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हवलदार ने सुबह 8:00 बजे अपनी पत्नी से फोन पर बात की थी और उस समय तक सब कुछ सामान्य दिख रहा था। दो घंटे के भीतर ही क्या हुआ कि उनकी जान चली गई, यह अब तक रहस्य बना हुआ है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और घटना स्थल को सील कर FSL टीम को बुलाया गया। घटनास्थल की जांच में खून के छींटे, गोली के निशान और कमरे की स्थिति का अध्ययन किया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि वैज्ञानिक जांच और बैलिस्टिक रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हवलदार की मौत आत्महत्या थी या हत्या।
घटना की सूचना मिलने पर गया स्थित हवलदार के परिजन पूर्णिया के लिए रवाना हो गए। मृतक के परिवार में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय पुलिस फिलहाल मामले में कोई भी ठोस जानकारी साझा नहीं कर रही है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
पुलिस का कहना है कि हवलदार की सुबह की सामान्य दिनचर्या और दो घंटे बाद हुई मौत के बीच के घटनाक्रम की जांच प्रमुख होगी। इस मामले में सभी पहलुओं – आत्महत्या, हत्या या किसी साजिश – पर ध्यान दिया जा रहा है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही हवलदार की मौत के असली कारण का खुलासा हो पाएगा। घटना ने थाना परिसर में सुरक्षा और निगरानी के सवाल भी खड़े कर दिए हैं।







