Home बिहार दिल्ली में कांग्रेस की महा रैली ऐलान, BJP बोली—जमीन खोई, अब दोषारोपण...

दिल्ली में कांग्रेस की महा रैली ऐलान, BJP बोली—जमीन खोई, अब दोषारोपण शुरू

248
0
Congress announces mega rally in Delhi, BJP says ground lost, blame game begins

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में शर्मनाक हार झेलने के बाद कांग्रेस अब कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर आंदोलन करने की तैयारी कर रही है। वह बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने वाली है। यह विरोध प्रदर्शन दिल्ली में 14 दिसंबर को होगा। बिहार में सत्ता में आए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक दल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जनता दल यूनाईटेड (जेडीयू) ने कांग्रेस की आलोचना की है। बीजेपी ने कहा है कि बिहार के चुनाव में कांग्रेस जमीन पर लड़ी नहीं। वे आपस में लड़ते रहे। अब दोष एसआईआर को दे रहे हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल के अनुसार, 14 दिसंबर को दोपहर 1:30 बजे से दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘ वोट चोर गद्दी छोड़ महा रैली ‘ आयोजित की जाएगी। इस रैली का उद्देश्य चुनाव व्यवस्था में कथित धांधलियों और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हो रहे हमलों के खिलाफ देशभर में संदेश देना है। वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस विरोध प्रदर्शन की जानकारी दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर चुनाव परिणामों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।

इससे संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को ठेस पहुंच रही है। केसी वेणुगोपाल ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, “वोट चोरी का साया आज हमारी डेमोक्रेसी पर मंडरा रहा सबसे बड़ा खतरा है। हमारे संविधान को खत्म करने की इन कोशिशों के खिलाफ पूरे देश में मैसेज देने के लिए कांग्रेस 14 दिसंबर (दोपहर 1.30 बजे से) नई दिल्ली के रामलीला मैदान में वोट चोर गद्दी छोड़ महारैली करेगी।” वेणुगोपाल ने कहा, “हमें भारत के कोने-कोने से करोड़ों हस्ताक्षर मिले हैं। लोगों ने बीजेपी-चुनाव आयोग के गलत तरीकों जैसे फर्जी वोटरों को जोड़ने, विरोधी वोटरों को हटाने और बड़े पैमाने पर मतदाता सूची में हेराफेरी करने को गलत ठहराया है। इतना ही नहीं, हर भारतीय ने देखा है कि चुनाव आयोग कैसे नियमों को तोड़ता है, एमसीसी के उल्लंघन को नजरअंदाज करता है और बीजेपी को चुनावों में धांधली करने में मदद करने के लिए दिनदहाड़े रिश्वत देता है। चुनाव आयोग जो कभी एक न्यूट्रल अंपायर था, अब एक खुलेआम पार्टी का खिलाड़ी बन गया है, जो चुनावों में बराबरी के मौके के कॉन्सेप्ट को पूरी तरह से खत्म कर रहा है।” उन्होंने लिखा है कि, “जब चुनाव सिस्टम पर यह हमला हमारी आंखों के सामने हो रहा है, तो हम चुप नहीं रहेंगे।

GNSU Admission Open 2026

यह महारैली वोट चोरों के चंगुल से भारतीय लोकतंत्र को वापस पाने की हमारी लड़ाई की बस शुरुआत है।” राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस के नेता टीका राम जूली ने वोटर लिस्ट के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) पर कहा, “इन लोगों (बीजेपी) का इरादा है कि एसआईआर के माध्यम से हर विधानसभा में कांग्रेस समर्थित 5 से 10 हजार वोट काट दिए जाएं और ये लोग जीत जाएं। इन लोगों की यही योजना रहती है। हम इसका विरोध कर रहे हैं। इसकी प्रक्रिया बहुत गलत है। राहुल गांधी ने इसे लेकर यात्रा भी निकाली है। हम इसे लेकर दिल्ली में एक बड़ी रैली भी करेंगे।” दूसरी तरफ जेडीयू के नेता राजीव रंजन प्रसाद ने कांग्रेस की दिल्ली में एसआईआर मुद्दे पर रैली की योजना को लेकर आलोचना की। प्रसाद ने कहा, “जो पार्टी महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे नेताओं की छत्रछाया में थी और जिसने इस देश को आजादी दिलाई, वह राहुल गांधी के कांग्रेस लीडरशिप संभालने के बाद से देश के पॉलिटिकल एरिया में सिमटती जा रही है।

कांग्रेस का वजूद अब सिर्फ़ कुछ राज्यों तक ही सीमित रह गया है। बिहार में उन्हें बहुत नुकसान हुआ है। अगर वे अब भी खुद को नहीं संभालते हैं और पार्टी और उसके नेताओं की ऊर्जा फालतू के मुद्दों पर बर्बाद करते हैं, तो आने वाले समय में उनकी मुश्किलें और बढ़ेंगी।” बीजेपी के नेता सैयद शाहनवाज़ हुसैन ने कहा, “राहुल गांधी को संवैधानिक संस्थाओं पर हमला करने की आदत हो गई है। वे जब हारते हैं तो चुनाव आयोग पर दोष डाल देते हैं और एसआईआर को जिम्मेदार ठहरा देते हैं। कांग्रेस जमीन पर नहीं लड़ी थी। वे आपस में लड़ रहे थे। बिहार में जो लोग कांग्रेस से जीते हैं, वे अपनी शख्सियत पर जीते हैं।” बिहार बीजेपी के अध्यक्ष और राज्य के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा, “पूरा इंडिया गठबंधन (महागठबंधन) टूटने वाला है। राहुल गांधी के नेतृत्व में कोई भी इंडिया गठबंधन में नहीं रहना चाहता। कल ही इंडिया गठबंधन की एक बहुत बड़ी सहयोगी पार्टी ने संयोग से इंडिया गठबंधन छोड़कर एनडीए में शामिल होने की कोशिश शुरू कर दी।”

GNSU Admission Open 2026