Home बिहार भैंस पालन से बदलेगी तकदीर: बिहार के किसानों को 1 में 60...

भैंस पालन से बदलेगी तकदीर: बिहार के किसानों को 1 में 60 कमाई का मौका

228
0
Buffalo farming will change your fortune: Bihar farmers have the opportunity to earn 60% in 1 year.

पटना: बिहार में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और सफेद क्रांति को गति देने के लिए एक व्यापक योजना तैयार की गई है। यह योजना बिहार पशु विश्वविद्यालय द्वारा बनाई गई है, जिसे विश्वविद्यालय के चांसलर और ‘मुर्रा मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से मशहूर पशु चिकित्सा वैज्ञानिक डॉ. इंद्रजीत सिंह के मार्गदर्शन में तैयार कराया गया है। एक अखबार के अनुसार इस ब्लूप्रिंट में पशुपालकों को देसी नस्ल के साथ-साथ जर्सी गाय और भैंस के पालन के लिए प्रोत्साहित करने की सिफारिश की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, यदि पशुपालक देसी गायों के साथ जर्सी गाय पालते हैं तो उन्हें बेहतर आर्थिक लाभ मिल सकता है।

इसमें यह भी उल्लेख किया गया है कि अमेरिका और कनाडा जैसे देशों में एचएफ (होल्स्टीन फ्रिज़ियन) नस्ल की गायों के साथ जर्सी गायों का पालन सफल साबित हुआ है। जर्सी गाय आकार में छोटी होती हैं, जिससे उनके पालन-पोषण की लागत कम आती है और बीमारियों का खतरा भी अपेक्षाकृत कम रहता है। राज्य के पशुपालकों के लिए पटना स्थित संजय गांधी डेयरी प्रौद्योगिकी संस्थान में एक मॉडल डेयरी फॉर्म विकसित किया जा रहा है। इस डेयरी फॉर्म में देसी गायों के साथ जर्सी गाय भी रखी जाएंगी। इसकी दुग्ध उत्पादन क्षमता प्रतिदिन लगभग दो लाख लीटर होगी। यहां गायों के भ्रूण पर वैज्ञानिक प्रयोग किए जाएंगे और डेयरी व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक पशुपालकों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

GNSU Admission Open 2026

इस परियोजना के लिए विश्वविद्यालय ने राज्य के बाहर से जर्सी गाय मंगाई हैं। ब्लूप्रिंट में देसी और जर्सी गाय के साथ भैंस को भी डेयरी ईकोसिस्टम का अहम हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, भैंस पालन में निवेश करने वाले पशुपालकों को अच्छा मुनाफा मिलता है। एक भैंस अपने जीवनकाल में 18 से 19 बच्चों को जन्म देती है और इसमें लगाए गए एक रुपये के निवेश पर 50 से 60 रुपये तक का लाभ संभव है। बिहार पशु विश्वविद्यालय इसके लिए केंद्रीय भैंस अनुसंधान संस्थान, हिसार से उन्नत नस्ल की भैंस मंगा रहा है। विश्वविद्यालय के कुलपति ने बताया कि इससे पहले पंजाब के डेयरी विकास का भी ब्लूप्रिंट तैयार किया जा चुका है। अब बिहार के लिए तैयार इस परियोजना को राज्य सरकार के समक्ष विचार के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। इसके लिए विश्वविद्यालय के कुलपति पशुपालन मंत्री, कृषि मंत्री समेत अन्य मंत्रियों और अधिकारियों से मुलाकात कर विस्तृत दस्तावेजों के साथ यह ब्लूप्रिंट सौंपेंगे।

GNSU Admission Open 2026