पटनाः राजनीति में धुरंधरों की कमी नहीं है। पार्टी बिहार विधानसभा चुनाव में जीत का समीकरण बिठाने में लगी है और उनके बीच से ही कोई नेता लोकसभा चुनाव को ले कर अपनी गोटियां फिट करने में कामयाब हो गए। पटना साहिब लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी की टिकट पर चुनाव लड़ने की तमन्ना लिए एक नेता ने छह विधानसभा वाले इस लोकसभा क्षेत्र में अपनी गोटियां फिट कर ली है। विधायक अपने मन का रहेगा तो लोकसभा की वैतरणी तो इनके सहारे पार कर ली जायेगी। जानिए पटना से वो कौन है जो विधानसभा के चुनाव में लोकसभा क्षेत्र की कील कवच दुरुस्त कर गए। यह कहानी है उस युवा बीजेपी नेता की जिनका सपना पटना साहिब लोक सभा से चुनाव लड़ने का टूट गया था। अब जब मौका और अधिकार मिला है तो पटना साहिब लोकसभा के तमाम विधानसभा सीटों पर अपनी पसंद के उम्मीदवार को खड़ा करने की जुगाड़ में लगे और सफलता भी मिली।
और एक तरह से देखे तो पटना साहिब लोकसभा के अंदर आने वाले छह विधानसभा में से चार विधानसभा को इस बार नए और युवा उम्मीदवार दे डाला। जाने उन विधानसभा के उम्मीदवारों को। कुम्हरार विधानसभा से अरुण सिन्हा वर्ष 2005 से ही विधायक रहे। तकरीबन 20 सालों तक विधायक रहे । पार्टी के सचेतक भी रहे। पर इस बार उम्र की आड में इनका टिकट काट कर कुम्हरार से युवा नेता संजय गुप्ता को मौका दिया। यह और बात है कि इन्हीं की उम्र के प्रेम कुमार को गया विधानसभा से टिकट दिया गया है।पार्टी ने इस बार कुम्हरार से जातीय समीकरण बदलते कायस्थ की जगह वैश्य जाति के संजय गुप्ता को चुनावी जंग में उतारा है। पटनासाहिब से भी उम्मीदवार बदलने में कामयाबी मिली। यहां वर्ष 1995 से लगातार सात बार विधायक रहे नंदकिशोर यादव का भी टिकट उम्र के कारण कटा।
ये भी गया से चुनाव लड़ रहे प्रेम कुमार के उम्र के आसपास ही है। पर इस बार पार्टी ने युवा और कुशवाहा समाज से आने वाले रत्नेश कुशवाहा को आजमाया है। इस बार तो बख्तियारपुर विधानसभा को बीजेपी के रणनीतिकारों ने लोजपा को सौंप दी है। पर आगामी पटना साहिब लोकसभा से चुनाव लड़ने के इच्छुक युवा नेता ने बीजेपी से चुनाव लड़ने वाले अरुण कुमार को लोजपा से टिकट दिलाने ने सफलता पा ली। फतुहा विधानसभा को इस बार बीजेपी के रणनीतिकारों ने लोजपा आर को सौंप दी। यहां भी उक्त नेता ने रूपा कुमारी को टिकट दिलाने में सफलता पा ली। बांकीपुर और दीघा विधानसभा के सीटिंग विधायक भी युवा है ।बांकीपुर से विधायक नितिन नवीन मंत्री भी रहे हैं और ये काफी सक्रिय रहने वाले बीजेपी नेता भी हैं। दीघा से संजीव चौरसिया भी युवा नेता है और अपनी पकड़ दीघा पर रखते हैं। ये दोनों ही उस नेता की करीबी हैं जो आगामी लोकसभा चुनाव पटना साहिब से लड़ना चाहते हैं।







