पटना: आपने भी गली क्रिकेट खेला होगा, इसमें एक टर्म बार-बार आता रहा होगा कि फलां टीम तो (बोरो) बॉरो प्लेयर ले आई। बोरो प्लेयर माने उधार का खिलाड़ी, जो आपके मोहल्ले का नहीं होता, लेकिन खेलता आपकी तरफ से ही है। उस पर आपके मोहल्ले की टीम को भरोसा होता है कि मैच तो भाई जीता ही देगा। ठीक इसी तरह से बीजेपी की लिस्ट में भी कुछ बोरो प्लेयर शामिल किए गए हैं। यानी वो प्लेयर जो चुनाव से पहले पाल बदल बीजेपी में आ गए और टिकट भी पा गए। बीजेपी ने पटना के बिक्रम विधानसभा से सिद्धार्थ सौरव को चुनावी जंग में उतारा है। सिद्धार्थ कांग्रेस की राजनीति को छोड़ कर आए हैं।
और कुछ दिन पहले बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की है। उन्होंने 2024 के फ्लोर टेस्ट में महागठबंधन में रहते हुए नीतीश कुमार की NDA सरकार का साथ दिया था। हालांकि सिद्धार्थ दो बार कांग्रेस के टिकट से विधायक बने है। मजे की बात ये कि इस बार बिक्रम से उनके खिलाफ कभी बीजेपी में रहे अनिल कुमार कांग्रेस से ताल ठोक सकते हैं। ये अलग बात है कि इसको लेकर कांग्रेस की बिक्रम विधानसभा ही बगावत की चिन्गारी सुलग रही है। लेकिन ये दोनों ही बोरो प्लेयर हैं। बीजेपी ने औरैया विधानसभा से रमा निषाद को चुनावी जंग में उतारा है। रमा निषाद पूर्व संसद अजय निषाद की पत्नी हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान अजय निषाद ने बीजेपी छोड़ कर राजद की सदस्यता ग्रहण की थी और चुनाव भी लड़े थे।
इनकी घर वापसी हुई है। बीजेपी ने सीतामढ़ी विधानसभा से इस बार पूर्व मंत्री सुनील कुमार पिंटू को चुनावी जंग में उतारा है। कुछ ही दिन पहले इन्होंने जदयू छोड़ कर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है। हालांकि सुनील कुमार पिंटू पहले बीजेपी में ही थे। ये सीतामढ़ी से साल 2005 से 2010 तक तीन बार विधायक रहे। हालांकि जदयू और बीजेपी में आना-जाना एक दोस्ताना रुख था। जेडीयू को सीतामढ़ी की सीट हिस्सेदारी में मिली थी तो तब बतौर उम्मीदवार सुनील कुमार पिंटू ने जदयू की सदस्यता ग्रहण की थी। बीजेपी ने इस बार गौरा-बौराम विधान सभा से सुजीत सिंह को उतारा है। इनकी पत्नी स्वर्णा सिंह वीआईपी छोड़ कर बीजेपी में आई थीं और वो पिछली विधानसभा चुनाव में विधायक भी चुनी गई थीं। लिहाजा सुजीत सिंह को भी बोरो प्लेयर की श्रेणी में रखा जा सकता है।







