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नवगछिया रंगरा के साधोपुर में जमींदारी बांध टूटा, कोसी का पानी फैला, कई गांवों पर खतरा

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Zamindari dam broke in Sadhopur of Navgachiya Rangra, Kosi water spread, danger to many villages

भागलपुर: भागलपुर में गंगा और कोसी नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को भागलपुर में गंगा का जलस्तर 15 सेंटीमीटर और कहलगांव में 10 सेंटीमीटर घटने का अनुमान है, लेकिन पानी घटने के बावजूद नवगछिया क्षेत्र में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। नवगछिया के रंगरा प्रखंड के साधोपुर में जमींदारी बांध टूटने से कोसी नदी का पानी तेजी से निचले इलाकों में फैल गया है। इससे आसपास के गांवों में अफरा-तफरी मच गई और लोगों के बीच दहशत का माहौल है। साधोपुर, बनिया और भवानीपुर की बस्तियां पूरी तरह से बाढ़ के पानी से घिर गई हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बांध पर पिछले कई दिनों से दबाव था, लेकिन मरम्मत के लिए प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अचानक बांध का बड़ा हिस्सा टूटने से भारी मात्रा में पानी साधोपुर की ओर बढ़ गया और तेज बहाव ने घर, खेत और सड़कों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया। यदि पानी का बहाव इसी गति से जारी रहा तो कुछ ही घंटों में नवगछिया शहर और राष्ट्रीय राजमार्ग 31 भी प्रभावित हो सकते हैं। हालात से डरकर गांवों से पलायन शुरू हो गया है। लोग अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग विशेष रूप से सहमे हुए हैं, जबकि पशुपालकों को मवेशियों को बचाने में भारी परेशानी हो रही है। स्थिति को संभालने के लिए सीओ और पुलिस टीम राहत व बचाव कार्य में जुटी हुई है, जबकि जल संसाधन विभाग के इंजीनियर मौके पर मौजूद हैं।

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हालांकि, तेज धारा के कारण मरम्मत कार्य में कठिनाई आ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि आपात स्थिति में हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि बाढ़ के पानी के फैलाव को रोका जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसी बीच, गोपालपुर प्रखंड के बिंदटोली गांव में गंगा के कटाव ने स्थिति और गंभीर कर दी है। कटाव तेज होने से लगभग चार से पांच सौ मीटर का इलाका गंगा में समा गया। ग्रामीणों को अपने अन्य सामान छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा। एसडीओ ने जल संसाधन विभाग को तुरंत फ्लड फाइटिंग कार्य शुरू करने का निर्देश दिया है। एनडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर लगभग 30 से 40 लोगों को सुरक्षित निकाला। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, अत्यधिक दबाव के कारण स्पर 8 और 9 के बीच क्षति हुई है, जिसे युद्ध स्तर पर बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। यह पूरी स्थिति बताती है कि भले ही गंगा के जलस्तर में कुछ कमी आई हो, लेकिन नवगछिया और आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है।

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