पटना: राष्ट्रीय जनता दल के विधायक भाई वीरेंद्र और मनेर प्रखंड के पंचायत सचिव संदीप कुमार मामले में नया मोड़ आ गया है। पंचायत सचिव दीपक कुमार पर एक महिला ने घूस मांगने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए थाने में लिखित शिकायत दी है। महिला का कहना है कि वह अपने पति का मृत्यु प्रमाण पत्र बनाना चाह रही है। इसके लिए आवेदन भी दिया। लेकिन, सचिव रिश्वत मांगते हैं। मामले में थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार का कहना है कि पिंकी देवी के द्वारा दुर्व्यवहार एवं पंचायत सेवक द्वारा घुस मांगने के बारे में लिखित शिकायत दी गई है मामले की जांच की जा रही है।
पिंकी देवी ने बताया कि वह अपने पिता के साथ दिनांक 13 जुलाई को अपने पंचायत के मुखिया के घर के समीप पंचायत सेवक संदीप कुमार को अपने पति अविनाश कुमार के मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन दिया था। आवेदन लेने के बाद सचिव संदीप कुमार द्वारा बोला गया कि आप लोग आवेदन देने में काफी देर कर दिए हैं अब इसमें कुछ खर्चा लगेगा। पंचायत सचिव ने आवेदन देने में देरी से देने का हवाला देते हुए ₹1500 की मांग की गई थी। लेकिन पीड़ित महिला ने गरीब होने का हवाला देते हुए पंचायत सचिव को ₹500 दिए। बाकी और पैसा बन जाने के बाद देने की बात कही। इसके अलावा महिला ने आरोप लगाया कि प्रमाण पत्र बनाने के लिए फिर से दोबारा जब वह पंचायत सचिव से मिली तो उन्होंने अशब्द बात का प्रयोग करते हुए हाथ पकड़ कर धक्का दिया।
इसके बाद अपने परिवार वालों के साथ मनेर के विधायक भाई वीरेंद्र से मिलकर मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के लिए मदद करने का अनुरोध किया। इस संबंध में पंचायत सचिव संदीप भारती का कहना है कि पैसे मांगने का आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद और निराधार है। सचिव ने आरोप लगाया कि महिला ने विधायक के इशारे पर हमारे खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई है। जिसे विधायक से डर कर हम एससी एसटी का मामला सुलह कर ले। दरअसल, मनेर प्रखंड अंतर्गत पंचायत सचिव संदीप कुमार और मनेर के राजद विधायक के भाई वीरेंद्र के बीच मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने को लेकर हुई बातों की ऑडियो और खबर काफी सुर्खियां में है। इसे लेकर पंचायत सचिव संदीप कुमार ने एससी-एसटी एक्ट के तहत पटना के एससी-एसटी थाने में विधायक के खिलाफ मामला दर्ज कराते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।







