
बिहार: लखीसराय जिले के तेतरहट थाना क्षेत्र अंतर्गत सतसंडा गांव में बिजली विभाग की लापरवाही एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। गुरुवार सुबह खेत की सिंचाई करने गए 48 वर्षीय किसान रोहन यादव की करंट की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक की पहचान सतसंडा निवासी गोनू यादव के पुत्र रोहन यादव के रूप में की गई है। मिली जानकारी के अनुसार, रोहन यादव खेतों में सिंचाई के लिए बिजली आपूर्ति चालू कर रहे थे, तभी पोल के सपोर्टिंग तार में करंट प्रवाहित होने के कारण वे उसकी चपेट में आ गए।
करंट लगने से वह बुरी तरह झुलस गए। स्थानीय ग्रामीणों ने उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में कृषि फीडर के नाम पर बिजली विभाग द्वारा वर्षों से भारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं। अब तक खेतों तक ट्रांसफार्मर और पोल की समुचित व्यवस्था नहीं की गई है, जिसके चलते किसान बांस-बल्लों व अन्य अस्थायी साधनों के सहारे बिजली की आपूर्ति खेतों तक ले जाते हैं। यही असुरक्षित ‘जुगाड़ू व्यवस्था’ किसानों के लिए जानलेवा साबित हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार करंट की चपेट में आने से पशुओं और लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन विभाग ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। विभागीय उदासीनता के कारण किसान जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं। मृतक के परिजनों ने सरकार और बिजली विभाग से उचित मुआवजा देने की मांग की है। वहीं, घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई और स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।






