
समस्तीपुर: समस्तीपुर जिले में मंगलवार की शाम एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। बिथान प्रखंड के लरझा घाट थाना अंतर्गत सलहा बुजुर्ग गांव में शौचालय की टंकी की सफाई के दौरान एक ही परिवार के तीन लोगों की दम घुटने से मौत हो गई। मृतकों में दो सगे भाई और एक किशोर पुत्र शामिल हैं। घटना के बाद गांव में मातम छा गया है और परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। जानकारी के मुताबिक, घटना उस समय हुई जब राम उमेश साहू (42) अपने आवास परिसर में बने एक पुराने शौचालय टंकी की सफाई के लिए नीचे उतरे। बताया जा रहा है कि पुरानी टंकी से नई टंकी में गैस और पानी का रिसाव हो रहा था।
जब राम उमेश काफी देर तक बाहर नहीं आए, तो उनके छोटे भाई दया राम साहू (38) उन्हें देखने और बचाने के लिए उसी टंकी में उतरे। दुर्भाग्यवश, वह भी अंदर जाते ही बेहोश हो गए। इसके बाद दया राम का 15 वर्षीय बेटा राधेश्याम साहू अपने पिता और चाचा को बचाने के लिए टंकी में कूदा, लेकिन वह भी दम घुटने से वहीं गिर पड़ा। घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। जेसीबी और सीढ़ियों की मदद से तीनों को टंकी से बाहर निकाला गया और तत्काल हसनपुर सीएचसी में भर्ती कराया गया। हालांकि हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने तीनों को रेफर कर दिया। परिजन उन्हें इलाज के लिए बेगूसराय ले गए, जहां इलाज के दौरान तीनों की मौत हो गई।
सीएचसी हसनपुर में जब तीनों को रेफर किया गया, तो परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। उनका आरोप था कि अस्पताल में ऑक्सीजन की समुचित व्यवस्था नहीं थी, पंखे तक नहीं चल रहे थे और मरीजों की हालत को गंभीर बताकर जल्दबाजी में रेफर किया जा रहा था। परिजनों ने कहा कि अगर अस्पताल में बेहतर प्राथमिक चिकित्सा दी जाती, तो शायद तीनों की जान बचाई जा सकती थी। एक ही परिवार के तीन लोगों की इस दुखद मौत से सलहा बुजुर्ग गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने हादसे को लेकर गहरा दुख जताया है और प्रशासन से पीड़ित परिवार को मुआवजे और सहायता देने की मांग की है। घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिससे लोगों में नाराजगी है।






