
सासाराम। कैमूर पहाड़ी क्षेत्र के जंगलों में बसे गांवों में गर्मी शुरू होने से पहले ही पेयजल संकट चरम पर पहुंच गया है। बुधुआ गांव के हालात बेहद चिंताजनक बताए जा रहे हैं, जहां ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। गांव के निवासी रामाधार सिंह ने बताया कि बुधुआ में कई वर्षों से पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है, लेकिन अब स्थिति और बदतर हो गई है। गर्मी की आहट के साथ ही हैंडपंप और अन्य जलस्रोत जवाब देने लगे हैं, जिससे ग्रामीणों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि पानी की किल्लत के साथ-साथ बुधुआ स्कूल से गांव की ओर जाने वाली सड़क भी जर्जर हालत में है। यह सड़क पांच साल की अवधि में मरम्मत योग्य थी, लेकिन अब तक इसका कार्य पूरा नहीं हो सका है। खराब सड़क के कारण स्कूली बच्चों, मरीजों और बुजुर्गों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार स्थानीय विधायक और पीएचडी (लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग) में शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। गांववासियों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द स्थायी पेयजल व्यवस्था और सड़क मरम्मत की मांग की है।






