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बिहार विधान परिषद में हंगामे के बीच सभापति ने विपक्ष को पूरे दिन के लिये सदन से किया बाहर

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सभापति ने विपक्ष को पूरे दिन के लिये सदन से किया बाहर

पटना। बिहार विधान परिषद की कार्यवाही मंगलवार को शुरू होते ही पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी के कथित अपमान के मुद्दे पर विपक्ष के वेल में उतरने से सत्तापक्ष और विपक्ष में तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद भारी हंगामे के बीच सभापति अवधेश नारायण सिंह ने पूरे विपक्ष को दिनभर के लिये सदन से बाहर कर दिया। भोजनावकाश से पूर्व की कार्यवाही की शुरुआत निर्धारित समय से देर से शुरू हुई। सदन की बैठक दोपहर 12 बजे शुरू होनी थी, लेकिन सभापति करीब 15 मिनट की देरी से पहुंचे। कार्यवाही शुरू होते ही राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने देरी पर आपत्ति जताते हुये कहा कि संसदीय लोकतंत्र में कोई भी व्यक्ति बड़ा नहीं होता और यदि देरी की सूचना दी जाती तो सदस्य भी उसी अनुसार आते। इस पर सभापति ने विशेषाधिकार का हवाला दिया। इसके बाद राजद सदस्य अब्दुल बारी सिद्दीकी ने सोमवार को सदन में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी के साथ हुये व्यवहार का मुद्दा उठाते हुये सभापति से निरपेक्ष रहने की अपेक्षा जताई।

सभापति ने मामले में कैमरा फुटेज देखने के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसी दौरान मंत्री अशोक चौधरी ने नियमों को लेकर सवाल खड़ा किया, जबकि राजद के सुनील कुमार सिंह ने भी नेता प्रतिपक्ष के अपमान का मुद्दा दोहराया। इसके बाद विपक्ष के सभी सदस्य वेल में आ गये और ‘तानाशाही नहीं चलेगी’ जैसे नारे लगाने लगे। सभापति ने विपक्ष को प्रश्नकाल बाधित न करने की चेतावनी दी, लेकिन हंगामा जारी रहा। जदयू के नीरज कुमार ने आसन की अवहेलना का आरोप लगाया, वहीं राजद के कारी सोहैब भी जोर- जोर से बोलने लगे। हालात बेकाबू होते देख सभापति ने विपक्ष के सभी सदस्यों को दिनभर के लिये सदन से बाहर करने का आदेश दे दिया। इस दौरान राजद के सुनील कुमार सिंह और मंत्री अशोक चौधरी के बीच तीखी नोंकझोंक भी हुई, जिसके बाद मार्शलों ने सुनील कुमार सिंह और कारी सोहैब को सदन से बाहर निकाला।

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हंगामे के बीच सभापति अपने आसन के पास खड़े होकर हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों को बाहर जाने का इशारा करते रहे। बाद में मंत्री अशोक चौधरी ने विपक्ष पर धमकी देने और सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। इसके बाद उद्योग मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि अभी जो घटना घटी है और विपक्ष के एक सदस्य ने हमारे दलित समाज के एक नेता के साथ जिस तरह दुर्व्यवहार किया, इसके लिये बिना माफी मांगे उन्हें सदन में आने की अनुमति नहीं दिया जाना चाहिये। इसका संज्ञान लेकर कार्रवाई की उन्होंने मांग की। मंत्री दिलीप जयसवाल की बातों का समर्थन करते हुये जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के मोहम्मद खालिद अनवर ने कहा कि जो हरकत हुई है, उस पर कार्रवाई की जानी चाहिये। जदयू के ललन कुमार सर्राफ ने कहा कि विपक्ष के सदस्यों ने आज आसन का अपमान किया है। असंसदीय भाषा का प्रयोग करने, एक दूसरे पर आरोप- प्रत्यारोप और हंगामे के बीच सभापति ने विपक्षी सदस्यों को दिन भर के लिये सदन से बाहर कर दिया।

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