
मुजफ्फरपुर: कुछ मिनट पहले रात की परेशानी में भगवान की तरह दिख रहे लोग शैतान दिखने लगे। रक्षा बंधन का त्योहार मनाकर लौट रहे एक दुकानदार को लिफ्ट लेना महंगा पड़ गया। पहले गाड़ी में बैठाया, फिर आगे बढ़ने पर बैंककर्मी बता मोबाइल मांगा। नहीं देने पर मारपीट किया। फिर जान की धमकी देकर अकाउंट से 77 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए। यह घटना मुजफ्फरपुर के मोतीपुर थाना क्षेत्र में हुई है। मोतीपुर थाना क्षेत्र के साढ़ा डांबर गांव में रहने वाले जितेंद्र ओझा मिल्क पार्लर चलाते हैं।
वे रक्षा बंधन के बाद अपनी दुकान खोलने के लिए लौट रहे थे। सुबह बस का इंतजार करते समय एक सफेद रंग की बोलेरो गाड़ी उनके पास रुकी। गाड़ी में सवार लोगों ने जितेंद्र से पूछा कि उन्हें कहाँ जाना है। जब उन्होंने मुजफ्फरपुर जाने की बात बताई, तो बदमाशों ने उन्हें लिफ्ट दे दी। गाड़ी में बैठने के बाद, बदमाशों ने खुद को बैंककर्मी बताया और जितेंद्र के बैंक खाते की जानकारी लेने लगे। जब जितेंद्र ने इसका विरोध किया, तो उन्होंने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। बदमाशों ने गाड़ी को शहर की तरफ ले जाने के बजाय मोतिहारी की ओर मोड़ दिया और एक सुनसान जगह पर ले जाकर उसे पीटा।
इसके बाद, उन्होंने जितेंद्र का मोबाइल छीनकर उसके खाते में आए आवास योजना के 77 हजार रुपये अपने अकाउंट में ट्रांसफर कर लिए और उसे वहीं छोड़कर फरार हो गए। किसी तरह अपनी जान बचाकर जितेंद्र शहर पहुंचे और मोतीपुर थाने में घटना की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। इस घटना पर बीजेपी नेता और पूर्व मेयर सुरेश कुमार ने कहा कि यह हैरान करने वाली घटना है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से इस मामले की गंभीरता से जाँच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, एसडीपीओ वेस्ट सुचित्रा कुमारी ने बताया कि एक व्यक्ति ने आवेदन दिया है, जिसमें घटना का उल्लेख है। मामले की जांच के लिए थाना प्रभारी को निर्देश दे दिए गए हैं और आगे की कार्रवाई की जा रही है।






