
पटना: बिहार में विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इंडिया गठबंधन के सभी सातों दलों के अलावा सांसद पप्पू यादव भी अपने समर्थकों के साथ चक्काजाम को समर्थन दे रहे हैं। बिहार के सभी शहरों में चक्काजाम का असर देखने को मिल रहा है। इसी बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण अभियान 2025 में जो अव्यवस्था, अराजकता और असंवैधानिक कार्यप्रणाली सामने आ रही है, वह अत्यंत निंदनीय और लोकतंत्र के लिए घातक है। हमलोगा बिहार के लोकतंत्र को यूं अपवित्र नहीं होने देंगे। तेजस्वी यादव ने कुछ प्वांइट भी गिनाए हैं…
डाटा एंट्री ऑपरेटर तथा सुपरवाइजर से ही 10,000 फॉर्म प्रतिदिन अपलोड करने का अव्यावहारिक लक्ष्य
फर्जी फॉर्म, बिना दस्तावेज, बिना सत्यापन
सम्पूर्ण विवरणी के बिना ही फॉर्म भरने का मौखिक निर्देश
फर्जी हस्ताक्षर और निरक्षर बताकर किसी कर्मचारी से अंगूठा लगवाना
मतदाता की जानकारी के बिना डाटा अपलोड
बिना दस्तावेज फॉर्म भरने का मौखिक निर्देश
ERO और BLO पर 50% फॉर्म आनन-फानन अपलोड करने का असंभव व अकल्पनीय दबाव
तेजस्वी यादव ने कहा कि उपरोक्त चीजों 10 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से पहले जल्दबाज़ी में किया जा रहा है ताकि आंकड़ों की बाज़ीगरी से सच्चाई को ढका जा सके। उन्होंने कहा कि कहीं मौखिक रूप से कहा जा रहा है कि “आधार कार्ड ही काफी है”, तो कहीं कहा जा रहा है कि “किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं”। इससे मतदाताओं के बीच भारी भ्रम की स्थिति बन गई है। मैं खुद पार्टी कार्यकर्ताओं, BLO और आम नागरिकों से बात कर रहा हूं। हर जगह अलग ही कहानी, अलग ही जालसाजी। ऐसा लग रहा है जैसे “फर्जीवाड़े का एक लाइव शो चल रहा है”, जिसमें हर दिन हर घंटे नई स्क्रिप्ट, नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।






