सासाराम। अखिल भारतीय खेत मजदूर किसान सभा का राष्ट्रीय सम्मेलन 10 सितंबर को सासाराम में आयोजित की जाएगी। 10 से 12 सितंबर तक चलने वाले इस सम्मेलन में देश के कई किसान नेता शामिल होंगे। साथ ही 12 राज्यों के कुल 400 प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। किसान सभा, बिहार इकाई के सचिव अशोक बैठा ने प्रेस वार्ता कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि इस सम्मेलन ने किसान संगठन के संयोजक सुबोध मित्रा के अलावा सह संयोजक एवं रैयतु कुली संघम, आंध्रप्रदेश की अध्यक्ष एस. झांसी, खेत मजदूर किसान सभा की ओडिशा इकाई के नेता श्रीकांत मोहंती, किसान सभा की बिहार इकाई के सचिव अशोक बैठा, हुल झारखंड क्रांति दल के नेता बिरसा हेम्ब्रम, कीर्ति किसान यूनियन, पंजाब के नेता हरदेव सिंह संधू, एआईकेएमकेएस की तेलंगाना राज्य के नेता प्रसादन्ना, तथा सम्मेलन की स्वागत समिति के अध्यक्ष अरविन्द सिन्हा सम्बोधित करेंगे। इसके अलावा संयुक्त किसान मोर्चा में शानित विभिन्न विरादाना किसान संगठनों को राष्ट्रीय सम्मेलन में आमंत्रित किया गया है और उन किसान संगठनों के नेता भी आमसभा को सम्बोधित करेंगे।
अशोक बैठा ने बताया कि अखिल भारतीय खेत मजदूर किसान सभा के इस राष्ट्रीय सम्मेलन में जमीन जोतने वालों की के आधार पर क्रांतिकारी भूमि सुधार, भूमि सुधार सम्बंधी डी. बंद्योपाध्याय आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक कर उसे लागू करने, साम्राज्यवादी मुल्कों से किये जा रहे मुक्त व्यापार समझौता तथा व्यापक आर्थिक व व्यापार समझौता को रद्द करने, बिहार में एपीएमसी कानून के तहत कृषि मंडी को पुनर्बहाल करने, खाद्य सुरक्षा की गारंटी करने, स्वामीनाथन आयोग की अनुशंसा के आलोक में सीटू + 50 प्रतिशत के आधार पर एमएसपी की कानूनी गारंटी करने , बिहार में उचित जल प्रबंधन के जरिए बाढ़ एवं सुखाड़ की समस्या का स्थायी समाधान निकालने, भूमि अधिग्रहण कानून 2013 को ईमानदारी से लागू करने, कृषि विपणन पर राष्ट्रीय नीति की रूपरेखा (एनपीएफएएम) को वापस लेने, वन अधिकार कानून 2006 को सख्ती से लागू करने तथा खेत मजदूरों व मेहनतकश किसानों की अन्य न्यायपूर्ण मांगों पर जुझारू आन्दोलनों एवं जनसंघर्षों को खड़ा करने की रूपरेखा तैयार की जाएगी।







