
बिहार : मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी थाना क्षेत्र में 26 मई को एक नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म और फिर गला रेतकर हत्या के मामले में अब सियासत तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस, राजद, सीपीआई, वीआईपी सहित कई विपक्षी पार्टियों ने सरकार के खिलाफ सड़कों से लेकर सदन तक विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। जानकारी के अनुसार, मुजफ्फरपुर जिले में एक सप्ताह के भीतर दो नाबालिग बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं सामने आईं, जिनमें से एक बच्ची की इलाज के अभाव में मौत हो गई।
इस दर्दनाक घटना ने राज्यभर में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। राहुल गांधी ने इस घटना पर ट्वीट कर गहरी नाराजगी जताई, जिसके बाद बिहार कांग्रेस सड़कों पर उतर आई और विरोध प्रदर्शन शुरू किया। इसके बाद राजद भी सक्रिय हो गई और अपने सभी विंग्स के साथ विरोध-प्रदर्शन में शामिल हो गई। छात्र विंग, महिला विंग और जिला स्तरीय कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ पुतला दहन करते हुए नाराजगी जताई। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कुढ़नी पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने इस घटना के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
प्लूरल्स पार्टी की प्रमुख पुष्पम प्रिया चौधरी ने भी इस मामले पर सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह सरकार “गुंडाराज” को बढ़ावा दे रही है और राज्य की बेटियां असुरक्षित महसूस कर रही हैं। वहीं सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया ने भी इस कांड के विरोध में मुजफ्फरपुर में मार्च निकाला और सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ जिलाधिकारी सुब्रत सेन को ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो विरोध और उग्र होगा। बिहार में इंडिया गठबंधन के तमाम घटक दल अब इस मुद्दे को लेकर सरकार को चौतरफा घेरने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। लगातार हो रही दुष्कर्म की घटनाओं पर सरकार की चुप्पी और कार्रवाई की धीमी गति को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है।






