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भागलपुर में भीड़ ने पुलिस पर किया बेरहमी से हमला, हथियार लूटे; SI समेत 4 जवान घायल, दो की हालत गंभीर

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In Bhagalpur, the mob brutally attacked the police, looted weapons; 4 jawans including SI injured, two in critical condition

भागलपुर: भागलपुर जिले स्थित पीरपैंती थाना क्षेत्र के लकड़ा कोल गांव में शुक्रवार देर रात अपहरण की सूचना पर छापेमारी करने गयी कहलगांव थाने की पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। ग्रामीणों ने थानेदार समेत सभी पुलिसकर्मियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। एक पुलिसकर्मी के पिस्टल भी लूट लिए। इसमें एक सब-इंस्पेक्टर सहित चार पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। आननफानन में इन घायलों को कहलगांव एनटीपीसी स्थित जीवन ज्योति अस्पताल  में भर्ती कराया गया है। जहां एसआई देवगुरु की हालत गंभीर बतायी गयी है। इनमें कहलगांव थाने के सब इंस्पेक्टर देवगुरु को हेड इंजुरी व हाथ में गंभीर चोटें आयी है।

कहलगांव थाने के सब-इंस्पेक्टर देवगुरु चार सिपाहियों के साथ एक प्राइवेट गाड़ी से सिविल ड्रेस में लकड़ा कोल गांव पहुंचे थे। पुलिस का दावा है कि वह अपहरण की सूचना पर छापेमारी करने गए थे। गांव में पहुंचते ही कथित तौर पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद ग्रामीणों ने उन्हें अपराधी समझकर घेर लिया। ग्रामीणों ने उन पर पथराव किया और भागने के दौरान देवगुरु फंस गए। ग्रामीणों ने पुलिसकर्मी को बेरहमी से पीटा। देवगुरु के सिर में गंभीर चोट आयी है।इस घटना की सूचना मिलने पर कहलगांव थाने के एसआई शत्रुघ्न कुमार, एनटीपीसी थानाध्यक्ष सुशील कुमार और डीएसपी कल्याण आनंद के नेतृत्व में दूसरी टीम घटनास्थल पर पहुंची।

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लेकिन ग्रामीणों ने एनटीपीसी थानाध्यक्ष सुशील कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मियों को भी पीट दिया। पुलिस अधिकारियों और जवानों को जूता छोड़कर किसी तरह अपनी जान बचाकर भागना पड़ा। सभी घायल पुलिसकर्मियों को एनटीपीसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सुशील कुमार के दाहिने हाथ में चोट आई है, और दो अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले के सन्हौला निवासी युवक विजय भगत की बीते शुक्रवार की सुबह में भागलपुर जाने के क्रम में सबौर बाजार से किसी ने उसका अपहरण कर लिया। इस मामले को लेकर उसकी मां कमली देवी ने सन्हौला थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

इस बीच अपहरणकर्ता का परिजन को फोन आया कि अगर शाम आठ बजे तक 40 लाख रुपये का इंतजाम नहीं किया गया तो विजय को जान से मारने की धमकी दी गयी थी। इस घटना को लेकर परिजन काफी भयभीत हो गए। उन्होंने फौरन इसकी सूचना पुलिस पदाधिकारियों को दिया। पुलिस ने बताया कि परिजन को अपहरणकर्ता ने जिस मोबाइल नंबर से काल किया था।  उसका लोकेशन लकडाकोल का मिल गया। पुलिस को सूचना मिलने के बाद कहलगांव एसडीपीओ वन कल्याण आनंद के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गयी। इसमें कहलगांव, एनटीपीसी व सन्हौला थाने की टीम को शामिल किया गया। और पुलिस परिजन को गाड़ी में साथ लेकर लकडाकोल पहुंची। पुलिस को देखते ही ग्रामीणों ने उनपर अचानक हमला कर दिया। लोगों ने पुलिस कर्मियों व वाहन पर पथराव भी कर दिया। इस घटना में चार पुलिसकर्मी घायल हो गए।

ग्रामीणों का कहना है कि हंगामा बढता देख पुलिस ने करीब नौ राउंड फायरिंग भी की थी। घटनास्थल से पांच खोखा के मिलने की खबर है। इस घटना के बाद पुलिस ने अपनी दूसरी टीम को सूचना दिया। इसके बाद कहलगांव एसडीपीओ कल्याण आनंद सहित एनटीपीसी थाने और कहलगांव थाने की टीम वर्दी में वहां पहुंची। और सभी घायलों को इलाज के लिए एनटीपीसी अस्पताल लाया गया। कहलगाव एसडीपीओ कल्याण आनंद ने बताया कि पुलिस ने अपहृत विजय भगत को सकुशल बरामद कर लिया है। इस अपहरण मामले में मुख्य आरोपी राजेश यादव हंगामे के बीच मौके से फरार हो गया हैं। पुलिस ने  10-12 लोगों को चिन्हित किया है। पुलिस कर्मियों पर हमला करने वाले 40-50 लोगों की पहचान करने में जुटी हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस आगे की कार्यवाही कर रही है




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