Home बिहार राघोपुर की जमीनी समस्याओं पर सत्ता-विपक्ष में तीखी बहस, जमकर चले आरोप-प्रत्यारोप

राघोपुर की जमीनी समस्याओं पर सत्ता-विपक्ष में तीखी बहस, जमकर चले आरोप-प्रत्यारोप

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Fierce debate between the ruling and opposition parties on the land problems of Raghopur, allegations and counter-allegations

वैशाली: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनज़र अमर उजाला के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘सत्ता का संग्राम-2025’ के तहत मंगलवार को वैशाली जिले के राघोपुर विधानसभा क्षेत्र की जमीनी समस्याओं को लेकर एक खुली चर्चा आयोजित की गई। इस परिचर्चा में क्षेत्र के वर्तमान हालात, विकास योजनाओं की प्रगति और राजनीतिक वादों की हकीकत पर गहन बहस हुई। कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों की ओर से कई ज्वलंत मुद्दे उठाए गए, जैसे – डिग्री कॉलेज, आईटीआई, रिंग रोड, इंटरनेशनल स्टेडियम, कोल्ड स्टोरेज, मिल्क चिलिंग सेंटर और रुस्तमपुर गंगा नदी पर छह पाया पुल का अब तक निर्माण न होना।

लोगों ने पूछा कि क्यों अब तक राघोपुर में इन बुनियादी ढांचों का विकास नहीं हो पाया। इस चर्चा में राजद, भाजपा, और जन सुराज पार्टी के प्रतिनिधि शामिल हुए। राजद की ओर से वैशाली जिला उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार दास ने दावा किया कि राघोपुर का विकास तेजस्वी यादव के नेतृत्व में हुआ है। उन्होंने कहा कि सिक्स लेन पुल तेजस्वी यादव की ही देन है और जल्द ही क्षेत्र में डिग्री कॉलेज और पॉलिटेक्निक कॉलेज की शुरुआत होगी। हालांकि भाजपा के वरिष्ठ नेता गौतम सिंह ने इस दावे का खंडन करते हुए कहा कि “सिक्स लेन पुल का शिलान्यास तेजस्वी यादव के विधायक बनने से पहले ही हो चुका था, जिसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वीकृति दी थी।”

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उन्होंने तेजस्वी यादव पर भेदभावपूर्ण राजनीति का आरोप भी लगाया। जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार धर्मेंद्र सिंह ने सबसे तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “राघोपुर की जनता के साथ अब तक सिर्फ छल और लूट हुई है।” उन्होंने लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के विधायक रहते राघोपुर में विकास नहीं होने की बात उठाई। उन्होंने कहा कि क्षेत्र आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है।





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