
पटना: वर्तमान वैश्विक, सामाजिक एवं आर्थिक परिदृश्य में पर्यटन एक प्रमुख उभरता हुआ क्षेत्र बन चुका है, जो न सिर्फ लोगों की जीवनशैली का हिस्सा बन रहा है, बल्कि कई देशों की अर्थव्यवस्था का आधार भी बन गया है। भारत में धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन सदैव संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा है। इसी क्रम में बिहार के सीतामढ़ी जिले स्थित ‘मां सीता’ की जन्मस्थली पुनौराधाम के समग्र विकास के लिए राज्य मंत्रिपरिषद ने 882.87 करोड़ रुपये की योजना को स्वीकृति प्रदान की है।
भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या की तरह देवी सीता की जन्मस्थली पुनौराधाम को भी रामायण सर्किट से जोड़ने की दिशा में यह कदम एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। अयोध्या और पुनौराधाम के बीच धार्मिक व सांस्कृतिक संबंध हैं, ऐसे में सीधे संपर्क और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस क्षेत्र का विकास अब तेजी से होगा। इस योजना के अंतर्गत मंदिर की वर्तमान परकोटा संरचना का उन्नयन, भवन निर्माण, पर्यटकीय आधारभूत संरचना के विकास, साथ ही अगले 10 वर्षों तक संचालन और प्रबंधन से जुड़े कार्य किए जाएंगे। इससे रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे और स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस योजना को ईपीसी (Engineering, Procurement and Construction) मॉडल के तहत लागू किया जाएगा। निविदा प्रकाशन से लेकर कार्य निष्पादन तक की जिम्मेदारी बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम, पटना को सौंपी गई है। मंत्रिपरिषद की स्वीकृति के बाद अब पुनौराधाम के विकास का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। राज्य सरकार का यह प्रयास धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी लाएगा। पुनौराधाम के समग्र विकास से यह क्षेत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान प्राप्त कर सकेगा।






