विक्रमगंज (रोहतास)– आजादी के बाद बिहार में जिसकी भी सरकारें बनी, किसी ने शाहाबाद प्रक्षेत्र के साथ इंसाफ नहीं किया। लेकिन अब समय आ गया है कि इस प्रक्षेत्र को कमिश्नरी का दर्जा देते हुए न्याय किया जाए। उक्त बातें शाहाबाद महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष अखिलेश कुमार ने सोमवार को यहां समाजिक कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही। उन्होंने कहा कि मापदंड को पूरा करने के बावजूद शाहाबाद प्रक्षेत्र को अभी तक प्रमंडल का दर्जा नहीं मिलना दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है, इसको लेकर शाहाबाद महोत्सव आयोजन समिति ने अभिनय व्यापक अभियान चलाने का निर्णय लिया है ताकि सरकार करीब सवा करोड़ आबादी के भावनाओं का ख्याल रखते हुए न्याय करे। प्रथम चरण में बिहार के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री तथा शाहाबाद के सभी विधानसभा एंव विधानसभा परिषद सदस्यों को पत्र दिया जा रहा है। साथ हीं इस गंभीर मुद्दे को विधानसभा के वर्तमान बजट सत्र के दौरान सदन में उठाने का आग्रह किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आजादी के दौरान वर्तमान बिहार में कुल 11 जिला था जिसमें 9 जिला प्रमंडल बन चुका है। जबकि शाहाबाद को नजरंदाज कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि बिहार के भागलपुर और कोसी इन दोनों प्रमंडलों से अधिक आबादी तथा क्षेत्रफल अकेले शाहाबाद है। कोसी तीन तथा भागलपुर मात्र दो जिला मिलकर प्रमंडल बना है जबकि शाहाबाद में रोहतास भोजपुर बक्सर तथा कैमूर चार जिला अवस्थित है। चार चार सांसद देने वाले इस को प्रमंडल का दर्जा नहीं मिलने से प्रमंडल स्तरीय योजनाओं से वंचित करते हुए इसका पुरा लाभ केवल पटना तथा नालंदा जिले को दे दिया जाता है। अखिलेश कुमार ने कहा कि यहां का बोलचाल भाषा और खान-पान पटना प्रमुख के शेष भाग पटना नालंदा से अलग है। वहीं नौहट्टा अधौरा चैनपुर चांद जैसे क्षेत्र के लोगों वर्तमान प्रमंडल मुख्यालय पहुंचने के लिए 250 किलोमीटर तक दूरी तय करने को मजबुर होना पड़ता है। अखिलेश कुमार ने कहा कि शाहाबाद 22 में से 19 विधायक सरकार के साथ हैं। इसी तरह स्थानीय निकाय चुनाव, स्नातक तथा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित सभी विधान परिषद सदस्य भी सत्ता पक्ष के हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार विकास को लेकर काफी सक्रिय है। ऐसे में शाहाबाद प्रमंडल का दर्जा प्राप्त करने का अनुकूल समय है और इसके लिए दलगत भावनाओं से उपर उठकर यहां के जनप्रतिनिधियों को सामूहिक प्रयास करना होगा। इस दौरान हरिचरण कुशवाहा, प्रो श्रीनिवास सिंह यादव, मो अयुब खान, प्रबीण सिंह, विनोद कुमार सिंह आदि समाजिक सरोकार से जुड़े लोग भी उपस्थित थे।







