जब कोई अपने घर का नाम ‘सीमा प्रहरी निवास’ रखता है, तो लगता है जैसे वह देश की सेवा या फौजी जीवन से जुड़ा हो। ऐसा ही एक घर है मोहम्मद इम्तियाज का, जो बिहार के सारण जिले के गड़खा प्रखंड के बसंत जलाल पंचायत के नारायणपुर गांव के रहने वाले थे। वे पंजाब के पठानकोट के आरएस पूरा में पाकिस्तान की तरफ से हुए ड्रोन हमले में शहीद हो गए। शहीद इम्तियाज ने कभी नहीं सोचा था कि उनके घर का नाम “सीमा प्रहरी निवास” एक दिन इतना चर्चा में आ जाएगा। उनके बड़े बेटे मोहम्मद इमरान ने भावुक होकर बताया कि उनके अब्बा ने यह नाम देशभक्ति और देश के प्रति समर्पण की भावना से रखा था। उनका मानना था कि देश की सरहद पर तैनात जवान ही असली प्रहरी होते हैं, जो हम सबकी सुरक्षा करते हैं। इमरान ने कहा, “अगर हम लोग चैन से जी रहे हैं, तो उसका कारण ये जवान हैं जो सीमा पर तैनात हैं। हमारा घर उसी भावना को दर्शाता है।” यह नाम सिर्फ एक घर का नाम नहीं है, बल्कि यह आपसी भाईचारे, देशभक्ति और भारतीय एकता की एक ज़िंदा मिसाल बन गया है। शहीद मोहम्मद इम्तियाज़ जैसे लोग ये साबित कर चुके हैं कि देशभक्ति न तो किसी धर्म को देखती है और न ही किसी जाति को।
गांव के लोग ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर भी “सीमा प्रहरी निवास” की खूब तारीफ हो रही है। पहले बहुत कम लोगों को पता था कि इस गांव में बीएसएफ का कोई जवान रहता है। लेकिन अब जब शहीद मोहम्मद इम्तियाज़ की शहादत की खबर आई, तो उनके पैतृक घर की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई। इस घर के मुख्य दरवाजे पर बड़े सुनहरे अक्षरों में लिखा है ‘सीमा प्रहरी निवास’। यह नाम अब लोगों के लिए गर्व और प्रेरणा का प्रतीक बन गया है।शहीद के बड़े बेटे मोहम्मद इमरान का कहना है कि देशभक्ति सिर्फ वर्दी पहनने वालों तक ही नहीं होती, बल्कि आम इंसान भी अपने काम और सोच से देशभक्ति दिखा सकता है। यही बात उनके अब्बा हुजूर (शहीद इम्तियाज़) ने साबित की। उन्होंने अपने घर का नाम “सीमा प्रहरी निवास” रखा था, जिसे सुनकर ही दिल गर्व से भर जाता है। उनके अब्बा का मानना था कि देश की सीमा पर तैनात जवान ही असली रक्षक होते हैं। उन्हीं की वजह से हम सभी लोग चैन की नींद सोते हैं और देश में शांति बनी रहती है। इसलिए उन्होंने अपने घर का नाम ऐसे रखा जो उनके देश के प्रति प्रेम और सम्मान को दिखाता है। यह नाम सिर्फ एक घर का नहीं, बल्कि देश के लिए समर्पण और श्रद्धा का प्रतीक बन गया है।







