
पटना : बिहार के कई जिलों में आज भी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, गोपालगंज, सीवान, भोजपुर, अरवल, पटना, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज, बांका, मुंगेर, भागलपुर समेत कई जिलों में बारिश और वज्रपात के आसार हैं। इन जिलों हवा की गति 30 से 50 किमी प्रतिघंटे रहेगी। मौसम विभाग ने लोगों से सावधान रहने की अपील की है। मौसम विभाग के अनुसार, बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता तेज हो गई है।
नमी वाले पछुआ हवाओं के प्रभाव से कई इलाकों में लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने 22 जून से 27 जून तक पूरे बिहार में बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 22 जनू से 24 जून तक कोसी और सीमांचल के जिलों में अनेक स्थानों पर बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है। पटना में सुबह से ही कई इलाकों में धूप-छांव का खेल जारी है। बारिश का अलर्ट जारी किया गया है लेकिन सुबह से अब तक बारिश नहीं हुई है। उसम भरी गर्मी से लोग परेशान हो गए हैं। शनिवार को महज एक घंटे की बारिश में 20 एमएम बारिश हुई। वहीं शनिवार को वज्रपात से दो लोगों की मौत हो गई है। पिछले 24 घंटे में पटना का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। वही गया का 32.8 डिग्री, भागलपुर का 34.5 डिग्री, पूर्णिया का 31.6 डिग्री, पश्चिम चंपारण का 35.2 डिग्री, मुजफ्फरपुर का 32 डिग्री, छपरा का 32.02 डिग्री, सुपौल का 33.5 डिग्री, गोपालगंज का 35.5 डिग्री, बक्सर का 32.8 डिग्री और बेगूसराय का 35.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
खराब मौसम को देखते हुए बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा कि तूफान के दौरान घर में ही रहें। बाहर नहीं निकलें। मेघगर्जन के दौरान घर के अंदर बिजली से संचालित उपकरणों को बंद कर दें। फोन का उपयोग भी नहीं करें। प्लम्बिंग और लोहे के किसी वस्तु को न छुएं। अगर बाहर फंस गए हैं तो पैरों के नीचे लकड़ी, प्लास्टिक, बोरा या सूखे पत्ते रख लें। झारखंड में लगातार बारिश से नदियों में पानी का जलस्तर बढ़ गया है। पानी का बहाव इतना तेज था कि गया, नालंदा, जहानाबाद के सैकड़ों गांव चपेट में आ गए। बोधगया के मुहाने नदी में अचानक पानी का सैलाब बढ़ा है। नदी के पास के इलाकों को चपेट में ले लिया है। नदी के सटे कई गांवों के घरों में पानी घुस गया है। साथ ही खेतों में लगे मूंग की फसल बर्बाद हो गया। कई मुख्य सड़कें पानी के तेज बहाव में टूट गईं। इसके वजह से दर्जनों गांवों का संपर्क टूट गया है। बोधगया में बारिश का पानी से बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।






