
बिहार: सीतामढ़ी जिले में कार्यरत शिक्षकों की विभिन्न लंबित समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ, सीतामढ़ी ने जिला पदाधिकारी को 15 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है। इससे पहले डुमरा स्थित आंबेडकर स्थल पर संघ के बैनर तले धरना-प्रदर्शन भी किया गया। प्रदर्शन का नेतृत्व संघ के जिलाध्यक्ष राम क्लेवर ने किया। इस दौरान दर्जनों शिक्षक उपस्थित थे। ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग शनिवार को हाफ डे विद्यालय संचालन की रही। संघ ने इसे शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ्य, छात्रों की रचनात्मकता और शिक्षण गुणवत्ता की दृष्टि से आवश्यक बताया है। संघ के अनुसार, वर्तमान में शिक्षकों पर अत्यधिक कार्यभार है।
सप्ताह में छह दिन नियमित कक्षाएं, प्रशासनिक कार्यों में भागीदारी और समय-समय पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के कारण न तो शिक्षक व्यक्तिगत विकास और पाठ योजनाओं पर ध्यान दे पा रहे हैं, न ही छात्रों को नवाचार आधारित शिक्षा देने का अवसर मिल पा रहा है। ऐसे में शनिवार को हाफ डे से शिक्षक और छात्र दोनों को राहत मिलेगी। छात्रों को सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी भाग लेने का समय मिलेगा। ज्ञापन में शिक्षकों की कई अन्य समस्याओं और मांगों को भी रेखांकित किया गया है, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं। जिसमें, लंबित वेतन भुगतान, मातृत्व और रुग्णावकाश की धनात्मक सूची का प्रकाशन, छठे चरण के शिक्षकों का प्रशिक्षित वेतन निर्धारण, कालबद्ध प्रोन्नति, वार्षिक वेतनवृद्धि, EPF अंशदान की राशि का समायोजन, सेवापुस्तिका संधारण, सेवाकालीन प्रशिक्षण के आधार पर वेतन निर्धारण, मृत शिक्षकों के परिजनों को अनुकंपा लाभ और जिला शिक्षा कार्यालय पर लापरवाही का आरोप है।
संघ ने जिला शिक्षा कार्यालय पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कार्यालय की लापरवाही और निष्क्रियता के कारण जिले के हजारों शिक्षक असमंजस और आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। समस्याओं को बार-बार उठाने के बावजूद समाधान नहीं हो पाया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि शिक्षकों की समस्याओं का समाधान शीघ्र नहीं हुआ, तो वे बाध्य होकर चरणबद्ध आंदोलन करेंगे। संघ ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि इन मांगों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए, ताकि जिले की शिक्षा व्यवस्था में स्थायित्व और गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। धरना और ज्ञापन सौंपने के दौरान संघ के मो. नजीबुल्लाह, प्रवीण कुमार, अभय कुमार, अभिषेक कुमार समेत दर्जनों शिक्षक मौजूद थे।






