
पटना : पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के निवर्तमान अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने एक फिर से चुनाव लड़ने के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है। यह चुनाव राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए होना है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अनुरोध पर उन्होंने फिर से राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल कर दिया। तय है कि वह निर्विरोध पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन जाएंगे। लालू प्रसाद लगभग तीन दशकों से इस पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं। हालांकि, लोग कयास लगा रहे थे 78 वर्षीय लालू बढ़ती उम्र और कई बीमारियों के कारण इस बार राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल नहीं करेंगे। लेकिन, सारे कयासों पर विराम लगाते हुए वह पार्टी कार्यालय पहुंचे।
यहां उनके साथ उनकी पत्नी व पूर्व मुख्यमत्री राबड़ी देवी और छोटे बेटे तेजस्वी यादव समेत राजद के वरिष्ठ नेता भी साथ थे। इस दौरान राजद कार्यालय में कार्याकर्ताओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सभी लोग लालू प्रसाद के समर्थन में नारेबाजी कर रहे थे। इधर, तेजस्वी यादव ने कहा कि लालू जी के कार्यकाल के पूर्ण होने पर पार्टी कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई है और वे एक बार फिर से चुनाव लड़ने के लिए उत्सुक हैं। हमें विश्वास है कि उनकी नेतृत्व क्षमता हमें आने वाले दिनों में जीत दिलाएगी। बता दें कि पिछले सप्ताह ही राजद की राज्य परिषद की बैठक हुई थी। इसमें लालू प्रसाद ने राजद कार्यकर्ताओं से अपील की थी कि वह आगामी विधानसभा चुनावों में तेजस्वी यादव को बिहार का अगला मुख्यमंत्री बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ें। अब्दुल बारी सिद्दकी ने कहा कि लालू यादव ही राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहें, हमलोगों की यही कामना है।
सबलोग यही चाहते हैं। कुछ लोग उनकी स्वास्थ्य की बात कह रहे हैं। लेकिन, उससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। काम अभी भी हो रहा है और आगे भी लालू यादव के दिशा निर्देश से पार्टी को मजबूती मिलते रहेगी। इधर, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और लालू प्रसाद के करीबी जगदानंद सिंह को राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी दिए जाने के मामले पर उन्होंने कहा कि इस पर पार्टी फैसला लेगी। जगदानंद सिंह हम लोग के सुख दुख के साथी हैं। बता दें कि हाल में राजद ने पूर्व मंत्री मंगनी लाल मंडल को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है।
तेजस्वी यादव ने उनके प्रदेश अध्यक्ष की बधाई देते हुए तब लिखा था कि बिहार में किसी भी पार्टी द्वारा प्रथम बार “अतिपिछड़ा वर्ग” से प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। राजद से अनुसूचित जाति वर्ग, मुस्लिम वर्ग, पिछड़ा वर्ग एवं अगड़ा वर्ग से पूर्व में प्रदेश अध्यक्ष रह चुके है। अब अतिपिछड़ा वर्ग से संबंध रखने वाले वरिष्ठ एवं अनुभवी समाजवादी नेता मंगनीलाल मंडल जी को अध्यक्ष बनाया गया है। सर्वप्रथम किसी अतिपिछड़ा को प्रदेश अध्यक्ष बनाने का गौरव राजद को ही हासिल हुआ है।






