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बिहार: 76 साल बाद पटना से जुड़ा तेजस्वी का विधानसभा क्षेत्र, सीएम नीतीश ने कहा- वर्षों पुराना सपना पूरा हुआ

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Bihar: After 76 years, Tejashwi's assembly constituency is connected to Patna, CM Nitish said- a years old dream has come true

पटना : मुख्यमत्री नीतीश कुमार को आज बिहारवासियों को एक और बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। सीएम आज कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्स लेन पुल परियोजना के पहले चरण का शुभारंभ करेंगे। अब यह इलाका आजादी के 76 साल बाद राजधानी पटना से सीधे कनेक्ट हो जाएगा। एनएच-31 से राघोपुर तक का हिस्सा पूरी तरह बनकर तैयार है। सीएम नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा कि मुझे यह बताते हुए अत्यंत खुशी हो रही है कि आज कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन गंगा पुल परियोजना के पटना से राघोपुर की सम्पर्कता का लोकार्पण किया जाएगा। इस छह लेन गंगा पुल के निर्माण के लिए हमलोग लगातार काम कर रहे थे।

मैंने निर्माणाधीन कार्य का नियमित निरीक्षण कर पुल का निर्माण शीघ्र पूरा करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया था। संतोष की बात है कि अब यह सपना साकार होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आगे लिखा कि कच्ची दरगाह-बिदुपुर छह लेन गंगा पुल के लोकार्पण से राघोपुर दियारा क्षेत्र के लोगों को राजधानी पटना से पूरे वर्ष के लिए सड़क सम्पर्कता मिल जाएगी। इस क्षेत्र में कृषि, उद्योग सहित अन्य व्यवसायों का और तेजी से विकास होगा। आकस्मिक चिकित्सा की स्थिति में मरीजों को भी काफी सुविधा होगी। महात्मा गांधी सेतु पर भी यातायात का भार कम होगा। पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने बताया कि राघोपुर दियारा के लोगों के लिए आज ऐतिहासिक दिन है। इस इलाके के लोग दशकों से पीपा पुल और नावों के पटना से कनेक्ट थे। अब उन्हें स्थायी सड़क संपर्क मिलने जा रहा है। यह पुल अब राघोपुर को महज पांच मिनट में पटना से जोड़ देगा। पथ निर्माण मंत्री ने बताया कि यह तकनीक देश के गिने-चुने पुलों में ही इस्तेमाल की गई है, जिसमें केबल्स को डेक के नीचे एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक विशेष ढंग से जोड़ा गया है।

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इससे इसकी मजबूती कहीं अधिक हो जाती है। 19 किलोमीटर लंबी इस परियोजना का सबसे खास हिस्सा है 9.76 किलोमीटर लंबा एक्स्ट्रा डोज केबल स्टे ब्रिज, जो गंगा नदी पर बनाया गया है। इसकी चौड़ाई 32 मीटर है और यह पुल 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। मंत्री नितिन नवीन ने बताया कि अब तक मानसून में पीपा पुल हटा दिया जाता था। तब राघोपुर पटना से कट जाता था। लेकिन इस स्थायी पुल के तैयार होने से दियारा के लोग सालभर आवागमन कर सकेंगे। इसके साथ ही, राघोपुर की मुख्य सड़क (पंसरिया चौक) को जोड़ने के लिए 17 करोड़ रूपये की लागत से संपर्क पथ का निर्माण भी जल्द शुरू होगा। इसके लिए प्रशासनिक स्वीकृति दे दी गई है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से न सिर्फ स्थानीय नागरिकों को राहत मिलेगी बल्कि इस क्षेत्र में व्यापार, परिवहन और निवेश के नए रस्ते भी बनेंगे।

दियारा क्षेत्र अब विकास की मुख्यधारा से जोड़ जाएगा और लोगों के जीवन स्तर में व्यापक सुधार आएगा। पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने जानकारी दी कि पुल के चालू होने से महात्मा गांधी सेतु पर यातायात का दबाव कम होगा। इसके साथ ही, पटना, राघोपुर और बिदुपुर के बीच एक तेज़, सुरक्षित और सड़क उपलब्ध हो जाएगी। नीतीश सरकार का लक्ष्य है कि 2027 तक बिहार के किसी भी कोने से राजधानी पटना को साढ़े तीन घंटे में जोड़ा जाए, और यह पुल इस लक्ष्य को पूरा करने दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मंत्री नितीन नवीन ने कहा कि इस पूरी परियोजना पर लगभग 5000 करोड़ रुपये का खर्च आ रहा है, जिसमें से 3000 करोड़ रुपये एशियन डेवलपमेंट बैंक से ऋण के रूप में प्राप्त हुए हैं और 2000 करोड़ रुपये राज्य सरकार की ओर से खर्च किए गए हैं।




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