सासाराम(रोहतास): सासाराम के शिव घाट मंदिर परिसर में एक भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें सनातन संस्कृति की रक्षा, हिंदू समाज की एकता और धार्मिक जागरूकता को सुदृढ़ करने का सामूहिक संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में स्थानीय लोगों की सहभागिता रही, जिससे वातावरण पूरी तरह धार्मिक और उत्साहपूर्ण बना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित कर की गई। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए संगठित होकर कार्य करने का संकल्प लिया, इस सम्मेलन के उद्घाटनकर्ता के रूप में स्वामी आद्यानंद जी महाराज उपस्थित रहे, उनके साथ मुख्य अतिथि के रूप में किरण राय और क्षितिज सिंह उपस्थित रहें जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रमोद राय ने की। अपने उद्बोधन में स्वामी आद्यानंद जी महाराज ने हिंदुत्व और सनातन धर्म के मूल सिद्धांतों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि सनातन संस्कृति केवल एक धर्म नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक महान पद्धति है। यह मानवता, सेवा, करुणा, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सनातन मूल्यों की रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है और इसके लिए युवाओं को विशेष रूप से आगे आकर समाज को जागरूक और संगठित करना चाहिए। किरण राय ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदू समाज को अपनी संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए एकजुट रहना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाने और समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। मुख्य बौद्धिककर्ता क्षितिज सिंह ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और लोगों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि समाज की एकता और जागरूकता ही सनातन संस्कृति की सबसे बड़ी शक्ति है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रमोद राय ने कहा कि सनातन धर्म विश्व की प्राचीनतम और महान संस्कृति है, जिसने सदैव मानवता को सत्य और धर्म का मार्ग दिखाया है। उन्होंने सभी लोगों से आपसी भाईचारा, सामाजिक समरसता और धार्मिक मूल्यों को अपनाने का आग्रह किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सनातन संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाना, समाज में एकता स्थापित करना तथा युवाओं को अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ना था। कार्यक्रम का समापन, हवन और भारत माता की आरती के साथ श्रद्धा एवं भक्ति भावपूर्वक सम्पन्न हुआ। आरती के पश्चात सभी श्रद्धालुओं एवं अतिथियों के बीच कार्यक्रम के संयोजक यमुना प्रसाद, गुंजन सिंह, गिरिजेश, अनिल दुबे, संतोष केसरी, अभिनव कुमार, आरती केसरी, अरुण कांस्याकार, पुनीत पांडेय, रुद्रांश पांडेय के द्वारा प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने सनातन संस्कृति की रक्षा और समाज की एकता को बनाए रखने का संकल्प दोहराया।







