
शेखपुरा। 25 जनवरी को चेन्नई के आडियार थाना क्षेत्र में शेखपुरा के दंपत्ति तथा उनके दो वर्ष के पुत्र की हत्या को लेकर शनिवार को शेखपुरा में परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा। मृतक के चार किमी दूर पैतृक घर पथलाफार से उनके स्वजन के साथ आए ग्रामीणों ने शेखपुरा में तिरमुहानी बाइपास में सड़क जाम कर दिया। अचानक हुए इस आंदोलन से जिला प्रशासन भी हतप्रद रह गया। लोगों ने तिरमुहानी को जाम करके राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 333 ए के साथ शहर के मुख्य प्रवेश मार्ग पर वाहनों का आवागमन को ठप कर दिया, जिससे तीनों तरफ से वाहनों की लंबी कतार लग गई।
शुरू में शेखपुरा थाना के महिला अवर निरीक्षक लाली कुमारी ने सड़क जाम कर रहे लोगों को समझाने का काफी प्रयास किया। बाद में पहुंची अतिरिक्त पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करके सड़क जमा कर रही भीड़ को खदेड़ दिया। इसमें कई पुलिस को भी हल्की चोट आई है। मृतक दंपत्ति के लोगों ने पुलिस पर इंसाफ मांग रहे निहत्थे लोगों की पिटाई करने का आरोप लगाया है। इधर, शेखपुरा के थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया भीड़ के साथ कोई बल प्रयोग नहीं किया गया है।
बिना किसी सूचना के लोगों को बहकाकर सड़क जाम करने में शेखपुरा के एक कोचिंग संचालक की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। कोचिंग संचालक ने ही विद्यार्थियों को बहकाकर सड़क जाम कराया है। 25 जनवरी को चेन्नई के आडियार थाना क्षेत्र में शेखपुरा के गौरव कुमार, उनकी पत्नी मुनिता तथा दो वर्ष के पुत्र की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस हत्या के मामले में नालंदा जिला के मानपुर थाना के बहुआरा गांव के उपेंद्र यादव सहित कई लोगों को चेन्नई में गिरफ्तार किया गया है। मृतक गौरव का शव 28 जनवरी को उनके पैतृक घर पथलाफार आया है। उसके बाद उनकी पत्नी तथा पुत्र का शव चेन्नई में मिला है, जिसका शव लाने में परिवार अपनी तंग आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए असमर्थता जता रहा है।
मां-पुत्र का शव लाने के लिए स्वजन जिला प्रशासन से मदद मांग रहे हैं। हालांकि सड़क जमा करने से पहले किसी ने प्रशासन से मिलकर कोई बात नहीं की। चेन्नई से मां तथा पुत्र का शव पैतृक घर पथलाफार लाने के लिए शनिवार को हुए वबाल के बाद जिला प्रशासन ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है। सड़क जाम और वबाल के बाद पुलिस ने पीड़ित परिवार को अनुमंडल पदाधिकारी तथा श्रम अधीक्षक से मिलवाया। श्रम अधीक्षक राजेश कुमार सिंहा ने बताया मृतक के आश्रित को प्रवासी मजदूर कानून के तहत दो लाख रुपये की सहायता देने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मां तथा पुत्र का शव चेन्नई से लाने के लिए नई दिल्ली स्थित बिहार भवन के वरीय पदाधिकारी के माध्यम से तमिलनाडू के श्रमायुक्त से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है।






