पटना। बिहार भवन निर्माण विभाग ने राज्य में चल रहे नवनिर्माण एवं जीर्णोद्धार भवनों की उच्च गुणवत्ता बनाए रखने के लिए दस उड़नदस्ता दलों का गठन किया है। निर्माण सामग्री की जांच और कार्यों के पर्यवेक्षण के लिये दस नए उड़नदस्ता दलों का गठन किया गया है। प्रत्येक उड़नदस्ता दल में अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता और सहायक अभियंता स्तर के अभियंताओं को शामिल किया गया है। भवनों में विद्युत कार्यों की जांच के लिए विशेष रूप से उड़नदस्ता दल को नियुक्त किया गया है। निरीक्षण के दौरान जांच टीम कार्य स्थल से सैंपल एकत्र कर उन्हें अंचल स्तरीय या केंद्रीय प्रयोगशाला में जांच के लिये भेज सकेंगे। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उड़नदस्ता दल में शामिल अधीक्षण अभियंता अपने पदस्थापन अंचल को छोड़कर अन्य किसी भी प्रमंडल की योजनाओं की जांच करेंगे। उड़नदस्ता दल मुख्य अभियंता (गुणवत्ता अनुश्रवण) के नियंत्रण में कार्य करेंगे।
भवन विभाग के सचिव कुमार रवि ने बताया कि गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चत करने के लिये नई जांच टीम का गठन किया गया है। यह मजबूत, टिकाऊ एवं गुणवत्तापूर्ण भवनों के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जांच के बाद उड़नदस्ता दल की जांच रिपोर्ट की समीक्षा की जाएगी। उड़नदस्ता दल द्वारा एकत्र सैंपल की जाँच अंचल स्तरीय या केंद्रीय प्रयोगशाला में कराई जाएगी।उन्होंने बताया कि विभागीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित कराने के लिये समय समय पर विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और संपत्ति का सदुपयोग सुनिश्चित की जा रही है। विभाग के अंतर्गत चल रहे सभी निर्माण कार्यों में ईंट, क्यूब मोल्ड (कंक्रीट क्यूब टेस्टिंग के लिए), बालू, गिट्टी आदि सामग्रियों की जांच केंद्रीय प्रयोगशाला में किया जा रहा है। प्रयोगशाला में 55 से अधिक आधुनिक यंत्रों का उपयोग किया जा रहा है, जो पुरानी, निर्माणाधीन औ







