पटना: बिहार के शिक्षकों के लिए गुड न्यूज आ गई है। नई सरकार के आते ही ये तय हो गया है कि अब बिहार के उन शिक्षकों को वैसी जगह पोस्टिंग मिल जाएगी जहां वो चाहते थे। अगले साल से ट्रांसफर की आस में लगे टीचरों की मुराद पूरी होने वाली है। करीब 27 हजार टीचरों को उनकी चॉइस पोस्टिंग मिलने जा रही है। बिहार में चुनाव से पहले एक जिले से दूसरे जिलों के अंदर ट्रांसफर किए गए 27,171 शिक्षकों को 31 दिसंबर तक नए स्कूलों में पोस्टिंग दे दी जाएगी। ई शिक्षा कोष पोर्टल पर इन टीचरों को 24 नवंबर से 5 दिसंबर 2025 तक 5 प्रखंडों के ऑप्शन दिए जाएंगे। इसके बाद 10 से 15 दिसंबर तक प्रखंड भी बता दिए जाएंगे।
इसको लेकर बिहार में शिक्षा विभाग के ACS डॉक्टर बी राजेन्दर की ओर से डिटेल जारी कर दी गई है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले प्राथमिक से लेकर हाई स्कूल तक के टीचरों ने इंटर डिस्ट्रिक्ट ट्रांसफर के लिए ई शिक्षा कोष पर एप्लीकेशन दिया था। ट्रांसफर चाहने वाले आवेदन देने वाले ऐसे टीचरों की की कुल तादाद 41,684 थी। इनमें से 24,732 शिक्षकों को उनके दिए गए ऑप्शन वाले जिले मिल गए हैं। लेकिन जिन टीचरों को उनकी पसंद का जिला नहीं मिला, उनसे 3 और अन्य जिलों के ऑप्शन मांगे गए। इस पर करीब 9,849 टीचरों ने ट्रांसफर एप्लीकेशन दिया। अब 2 दिन पहले ही इनमें से 2,439 टीचरों को जिले आवंटित कर दिए गए।
इसे ऐसे समझिए कि पूरे के पूरे 27,732 टीचरों का उनके दिए गए विकल्प वाले जिले में ट्रांसफर कर दिया गया। अब प्रखंडों के विकल्प को ध्यान में रखते हुए टीचरों को स्कूलों में जगह की उपलब्धता देखते हुए तैनात किया जाएगा। इसमें दिव्यांग महिला शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी। जिन शिक्षकों को उनकी ओर से दिए गए 5 प्रखंडों के विकल्प में खाली जगह नहीं होगी तो उन्हें जिले के अंदर किसी और ब्लॉक के स्कूल में पोस्टिंग दी जाएगी। ऐसे में अगर टीचर प्रखंड का ऑप्शन नहीं देंगे तो उनका जिले वाला आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा। किसी भी ब्लॉक या स्कूल में अगर सबजेक्ट के हिसाब से खाली जगह लिमिटेड होगी तो सबसे पहले परमानेंट टीचर. उसके बाद विशिष्ट शिक्षक और अंत में स्कूल टीचर को वेटेज मिलेगा।







