मधुबनी: बिहार में इंडो-नेपाल सीमा पर एसएसबी, एसटीएफ और मधुबनी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने जाली नोट तस्करी का बड़ा खुलासा किया है। सीमा क्षेत्र में चलाए गए अभियान में टीम ने दो तस्करों को गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान मुकेश महतो (भोगी महतो के पुत्र, निवासी गोपालपुर, थाना हरलाखी, जिला मधुबनी) और सिकिल पंडित (चौधरी पंडित के पुत्र) के रूप में हुई। गिरफ्तार आरोपियों के पास से कुल 173 जाली नोट (200 रुपये के), दो मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
एसपी योगेंद्र कुमार ने बताया कि एसएसबी और एसटीएफ, सीतामढ़ी को गुप्त सूचना मिली थी कि नेपाल के पिपरौन बॉर्डर से एक व्यक्ति मोटरसाइकिल पर जाली नोट भारत में लाने वाला है। सूचना के आधार पर हरलाखी थाना पुलिस, एसएसबी और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने भारत-नेपाल सीमा पर पिलर संख्या 284/20 से लगभग 200 मीटर भारत की ओर चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान नीले रंग की मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध व्यक्ति नेपाल की ओर से भारत में प्रवेश करते हुए दिखाई दिए।
पुलिस को देखकर दोनों तस्कर भागने लगे, लेकिन टीम ने उन्हें पीछा कर पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान मुकेश महतो और सिकिल पंडित के रूप में बताई। मुकेश महतो ने खुलासा किया कि वह नेपाल के धनुषा जिले के फुलगामा थाना क्षेत्र अंतर्गत देव नारायण यादव से जाली नोट लेकर भारत में खपाने जा रहा था। तलाशी के दौरान उसके पास से 173 जाली नोट बरामद हुए, जबकि सिकिल पंडित के पास से एक मोबाइल फोन मिला।
बरामद नोटों का सत्यापन पीएनबी बैंक में कराया गया, जिसमें सभी नोट जाली पाए गए। पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह कार्रवाई जाली मुद्रा तस्करी पर कड़ी नजर रखने और अंतरराष्ट्रीय सीमा के माध्यम से अपराध रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है। इस मामले से यह स्पष्ट होता है कि एसएसबी और एसटीएफ की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई अपराधियों के इरादों को विफल करने में निर्णायक भूमिका निभा रही है।







