पटना: बिहार विधानसभा की घोषणा होते ही सियासी गलियारे में हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में सीएम नीतीश कुमार की पार्टी इस बार चुनावी तैयरियों में किसी तरह का कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। 2020 के विधानसभा चुनाव में उम्मीद से खराब प्रदर्शन के बाद इस बार जनता दल यूनाईटेड का फोकस स्ट्राइक रेट बढ़ाने पर है। इसलिए जदयू कार्यालय में लगातार बैठकें चल रही हैं। इन सब के बीच मंगलवार सुबह जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर मुलाकात करने के लिए अणे मार्ग स्थित उनके आवास पर पहुंचे। सूत्रों की मानें तो संजय झा उम्मीदवारों की लिस्ट और चुनाव की तैयारियों की रिपोर्ट कार्ड लेकर सीएम नीतीश कुमार पास गए थे।
इधर, सीएम नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि सबकुछ लगभग तय हो चुका है। आने वाले एक-दो दिन में सीट शेयरिंग की घोषणा कर दी जाएगी। एनडीए में सब दल एकजुट है। कहीं कोई दिक्कत नहीं है। बिहार की जनता हर बार चुनावी परीक्षा में नीतीश कुमार जी को सर्वोच्च अंक देती आई है। विधानसभा चुनाव में बिहार की जनता नीतीश जी के कामों पर ही अपनी मुहर लगाएगी। हमें विश्वास है कि हमने जो काम किया है, उसका जनता आशीर्वाद देगी। हमने ईमानदारी और सच्चाई से लोगों के लिए काम किया है। जनता भी जानती है कि यह बिहार के लिए बड़ा अवसर है। बता दें कि इस बार जनता दल यूनाईटेड 2015 के चुनाव की तरह ही 101 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है।
पिछले विधानसभा चुनाव में महज 37.39 फीसदी था। इसलिए इस बार जदयू पंचायत स्तर से जिलास्तर तक अपनी तैयारियों की बार-बार समीक्षा कर रहा है। सांसद संजय झा ने कहा कि इस बार एनडीए एकजुट होकर चुनाव लड़ेगा। इस चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा यही है कि सरकार बनने के 25 साल बाद बिहार कहां खड़ा होगा। 1991 में जब उदारीकरण का दौर शुरू हुआ तो कई राज्यों में निवेश आया, लेकिन बिहार पिछड़ गया। जब यहां उद्योग लगने थे, तब यहां अपहरण उद्योग चल रहा था। तब नीतीश कुमार यहां आए और 20 साल में बिहार उड़ान की स्थिति में है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सड़क, बिजली, कानून व्यवस्था से जुड़े तमाम काम किए हैं।







