
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद बीजेपी, JDU, लोजपा रामविलास, HAM और RLM के कोटे से मंत्रियों ने गुरुवार को पटना के गांधी मैदान में मंत्री पद की शपथ ली। वहीं सीएम नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ लेने वाले मंत्रियों में संतोष कुमार सुमन का भी नाम हैं, जो इस बार न विधानसभा चुनाव लड़े और न ही विधायक बने। वो अपनी पार्टी के विधानपार्षद हैं। उनकी पार्टी से 5 विधायक हैं, लेकिन फिर भी लॉटरी उनकी ही लगी। वो पार्टी है जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा। इस बार के बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों में जीतन राम मांझी की HAM को 5 सीटों पर जीत मिली।
इमामगंज से दीपा मांझी (जीतन राम मांझी की बहू), कुटुंबा से कांग्रेस के बिहार अध्यक्ष राजेश राम को हराने वाले ललन राम, बाराचट्टी से ज्योति देवी (जीतन राम मांझी की समधन), अतरी से रोमित कुमार और सिकंदरा से प्रफुल्ल कुमार मांझी। लेकिन इन 5 विधायकों के बावजूद मंत्री पद की शपथ ली HAM के विधानपार्षद संतोष सुमन ने। संतोष सुमन बिहार सरकार के पिछले कार्यकाल में भी मंत्री बनाए गए थे। इस बार के बिहार चुनाव 2025 के बाद फिर से जीतन राम मांझी ने संतोष सुमन का नाम ही मंत्री पद के लिए भेजा, जो कि MLC हैं। नए विधायकों में से किसी को मंत्री बनने का मौका नहीं मिला।
ये भी सब लोग जानते हैं कि संतोष सुमन जीतन राम मांझी के बेटे हैं। कहा जाता है कि जीतन राम मांझी ने ये तय कर लिया है कि वो अपनी राजनीतिक विरासत अपने बेटे संतोष सुमन उर्फ संतोष मांझी को ही बनाएंगे। इसीलिए उन्होंने एक बार फिर से संतोष सुमन को ही अपनी पार्टी के कोटे से बिहार सरकार में मंत्री बनवाया। हालांकि इस दफे जीतन राम मांझी की बहू और संतोष सुमन की पत्नी दीपा मांझी भी चुनाव जीत कर आई हैं। लेकिन जीतन राम मांझी ने उनका नाम मंत्री पद के लिए नहीं भेजा।






