
पटना: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के करीबी कहे जाने वाले संजय यादव और रोहिणी आचार्या के प्रकरण में रोहिणी बैकफुट पर लौटने के बाद मामला कुछ शांत हुआ। हालांकि इस बीच तेजस्वी यादव ने बीच-बचाव करते हुए अपनी बड़ी बहन रोहिणी की जमकर प्रशंसा की, तब जाकर मामला वह प्रकरण शांत हो पाया। अब एक बार फिर रोहिणी आचार्या सोशल मीडिया पर भड़काऊ बातें पोस्ट की हैं, लेकिन यह बातें संजय यादव के लिए नहीं बल्कि यह निशाना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हैं। उन बातों में कुछ शब्द काफी आपत्तिजनक हैं, जो एक बार फिर सियासत में गर्माहट ला सकती है।
रोहिणी आचार्या ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि, “दिमागी तौर पर पूरी तरह से विक्षिप्त हो चुके व्यक्ति की जुबान गंदी होनी स्वाभाविक सी बात है। पागलों को सड़कों पर गाली – गलौज करते अमूमन देखा ही जाता है .. जिस व्यक्ति के संरक्षण में मुजफ्फरपुर महापाप हुआ, जिसकी चारित्रिक नीचता के किस्से तमाम हैं, उस बदजुबान तोंद वाले अंकल के मुंह से निश्चित हार की बौखलाहट में घटिया सोच से पैदा हुई निम्नस्तर की भाषा का गुबार निकल रहा है। रोहिणी ने आगे लिखा है कि, “पागलपन की हद हासिल कर बेचैन आत्मा बन चुके अंकल .. बोली जा रही हर गंदी बोली का हिसाब करने को तैयार बैठी है बिहार की जनता ..”चाहे लाख दे लो गाली , बिहार में इस बार सिर्फ और सिर्फ भाई तेजस्वी के लिए ही बजेगी ताली।”
दरअसल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 25 सितंबर को खगड़िया में थे, जहां वह एक कार्यकर्ता संवाद को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी पर तंज कसते हुए अमर्यादित शब्द का प्रयोग किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लालू प्रसाद यादव को ‘ससुरा’ कहकर संबोधित किया। उन्होंने कहा कि “ससुरा जब खुद हट गया तो अपनी पत्नी (राबड़ी देवी) को बना दिया। पहले के समय में इतना लोग काम करता था क्या? उस संबोधन के बाद यह सोशल मीडिया में वायरल हो गया।






