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बिहार में वायु प्रदूषण चरम पर, हाजीपुर का AQI 625 और पटना 577 पर दर्ज

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Air pollution peaks in Bihar, with Hajipur recording an AQI of 625 and Patna 577.

पटना: देश की राजधानी सर्दी के मौसम में हमेशा की तरह गंभीर प्रदूषण से घिर गई है। हवा की गुणवत्ता बहुत खराब स्थिति में है। दिल्ली के कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 247 से अधिक हो गया है। लेकिन आश्चर्यजनक तो यह है कि बिहार के दो शहरों ने प्रदूषण के बहुत खराब स्तर को छू लिया है। बिहार के पटना का एक्यूआई जहां 577 पर पहुंचा वहीं हाजीपुर में तो और भी बुरा हाल हो गया। गैस चैंबर बने हाजीपुर में एक्यूआई 625 पर पहुंच गया है। इन शहरों ने प्रदूषण के लिए बदनाम देश की राजधानी को पीछे छोड़ दिया है। देश में मंगलवार को सुबह 7 बजे जारी किए गए प्रदूषण के आंकड़ों के मुताबिक देश के सबसे अधिक प्रदूषित हवा वाले 10 शहरों में बिहार के पटना और हाजीपुर शहर शामिल हैं। सबसे अधिक प्रदूषित हाजीपुर शहर है। देश के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों हाजीपुर पहले स्थान पर और पटना पांचवे स्थान पर पटना है।

हाजीपुर का इंडस्ट्रियल एरिया सातवें नंबर पर है। यहां का एक्यूआई 525 है। पटना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक वायु प्रदूषण की गिरफ्त में है। पटना का एक्यूआई 577 दर्ज किया गया है। हाजीपुर का एयर क्वालिटी इंडेक्स इससे भी अधिक 625 तक पहुंच गया है। यह वायु गुणवत्ता की बेहद खराब स्थिति है। दिल्ली का एक्यूआई 247 के आसपास है। हवा की गुणवत्ता की निरंतर जांच करने वाली एजेंसी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, पटना एयरपोर्ट के आसपास एक्यूआई 334 दर्ज किया गया है। यह चेतावनी देने वाला आंकड़ा है। यह मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर हानिकारक है।

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पटना में देर रात में गांधी मैदान के पास का एक्यूआई 555, एक्जीबिशन रोड पर 587, तारामंडल में 523, बाईपास की तरफ 613 दर्ज किया गया। बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के पास एक्यूआई 337 दर्ज हुआ है। बिहार में सिर्फ पटना या हाजीपुर ही नहीं, आरा, बेगूसराय, भागलपुर, बिहारशरीफ, बक्सर, छपरा, हाजीपुर, मुंगेर और राजगीर शहर की हवा की गुणवत्ता भी खराब श्रेणी में है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक हवा का घनत्व बढ़ने और तापमान कम होने पर प्रदूषित हवा नीचे रह जाती है। यह जहरीली हवा धुंध की तरह दिखती है। हवा में धूलकण की मात्रा अधिक हो जाती है। प्रदूषण का स्तर घटता-बढ़ता रहता है। वाहनों का धुआं, निर्माण कार्यों के कारण उड़ने वाले धूल कण सहित कई अन्य कारण प्रदूषण बढ़ा देते हैं। मास्क का इस्तेमाल करके प्रदूषण से कुछ हद तक बचाव किया जा सकता है।

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