पूर्णिया: पूर्णिया जिले के धमदाहा अनुमंडल में स्वास्थ्य माफिया के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की गई है। लोगों की जान जोखिम में डालकर अवैध रूप से संचालित एक हॉस्पिटल को एसडीएम अनुपम ने औचक छापेमारी के बाद सील कर दिया। इस कार्रवाई से पूरे अनुमंडल के फर्जी स्वास्थ्य केंद्रों में हड़कंप मच गया है। इस अवैध हॉस्पिटल का संचालक बेलाल रजा है, जिसका अतीत चौंकाने वाला और आपराधिक रहा है। बेलाल रजा के खिलाफ पूर्व में भी एक महिला की गलत ऑपरेशन के कारण हुई मृत्यु के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। वह हाल ही में उसी गंभीर मामले में जमानत पर छूटकर बाहर आया था।
प्रशासन को मिली जानकारी के अनुसार, जेल से बाहर आते ही बेलाल रजा ने बिना किसी भय के दोबारा उसी स्थान पर अवैध रूप से हॉस्पिटल का संचालन शुरू कर दिया था, जिसे लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश था। एसडीएम अनुपम ने बताया कि उन्हें लगातार लोगों से शिकायतें मिल रही थीं कि यह हॉस्पिटल न सिर्फ गैरकानूनी तरीके से चल रहा है, बल्कि यहां इलाज के नाम पर मरीजों से मनमानी लूट की जा रही है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मंगलवार को छापेमारी की गई। जांच दल ने पाया कि हॉस्पिटल के पास संचालन के लिए न तो बिहार सरकार से कोई रजिस्ट्रेशन था और न ही यहाँ सर्जरी या जटिल रोगों का इलाज कर रहे तथाकथित डॉक्टरों के पास आवश्यक वैध डिग्री थी। इन गंभीर अनियमितताओं और मानव जीवन को खतरे में डालने के आरोप में एसडीम ने मौके पर ही हॉस्पिटल को सील करने का आदेश दिया।
छापेमारी के दौरान हॉस्पिटल में छह मरीज (तीन महिलाएं और तीन बच्चे) भर्ती पाए गए। अनुमंडलीय चिकित्सा पदाधिकारी मनोज कुमार ने मौके पर पहुंचकर हॉस्पिटल का मुआयना किया। मनोज कुमार ने इस हॉस्पिटल को पूरी तरह से फर्जीवाड़ा और मौत का जाल करार दिया। उन्होंने बताया कि यहां बिना किसी जीवन रक्षक उपकरण और आवश्यक सुविधा के छोटे-मोटे ऑपरेशन किए जा रहे थे, जो मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकते थे। सभी छह मरीजों को तत्काल प्रभाव से अनुमंडलीय अस्पताल में सुरक्षित रूप से शिफ्ट कर दिया गया है, जहां उनका उचित उपचार शुरू कर दिया गया है। एसडीएम अनुपम ने सख्त लहजे में कहा है कि ऐसे अवैध स्वास्थ्य केंद्रों को किसी भी कीमत पर धमदाहा अनुमंडल में संचालित नहीं होने दिया जाएगा और यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।







