
वैशाली: बिहार में ट्रेड यूनियन के द्वारा बिहार बंद का आह्वान किया गया था, जिसमें महागठबंधन के सारे घटकों ने समर्थन किया था। वैशाली जिलों में तमाम चौक चौराहे पर बंद को लेकर आगजनी की गई। इस बंद को सफल बनाने में तमाम कार्यकर्ता लगे रहे लेकिन इसी बीच बंद को सफल बनाने की तीन तस्वीर सामने आई, जिसके बाद लोगों को यह कहना पड़ा कि यह आंदोलन नहीं गुंडागर्दी है। इस दौरान दरभंगा से एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें राजद नेता यह कह रहे हैं कि 1990 का लहर आएगा न तो ऊपर से ही नीचे पटक देंगे..। हमलोग बर्दास्त करेंगे? वैशाली जिला की पहली घटना महनार की है, जिसमें राजद कार्यकर्ता जबरदस्ती दुकान को बंद करा रहे थे।
दुकानदार के नहीं मानने पर दुकानदार को दूकान के अंदर ही बंद कर दिया। अब इसका सीसीटीवी फुटेज वायरल है। सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट दिख रहा है कि बिहार बंद के दौरान राजद का झंडे लिए दर्जनों लोग दुकान पर पहुंचे और दुकान बंद करने का दबाव बनाने लगे। दुकानदार रोहित ठाकुर ने बताया कि राजद समर्थकों ने उनके साथ गाली-गलौज की और जबरदस्ती शटर गिराकर उन्हें दुकान के अंदर ही बंद कर दिया। घंटों बाद स्थानीय लोगों की मदद से दुकानदार को बाहर निकाला गया। रोहित ठाकुर ने इस घटना को लेकर गहरी नाराजगी जाहिर की है और इसे गुंडागर्दी करार दिया। दूसरी तस्वीर हाजीपुर महुआ मुख्य मार्ग का है, जहां बंद कराने वाले समर्थकों ने स्कूल जा रही एक शिक्षिका को स्कूल जाने से रोक दिया। शिक्षिका जब उनके रोकने के बाद अपनी स्कूटी को घुमाकर घर लौटने लगी तो पीछे से बंद को समर्थन करने वाले कार्यकर्ता पीछे से हल्ला करने लगे।
अब यह वीडियो भी वायरल है। तीसरी तस्वीर सराय थाना क्षेत्र की है, जहां मतगणना पुनर्निरीक्षण के लिए जा रहे बीएलओ को जाने से रोक दिया। जब बीएलओ ने उनका विरोध किया तब बंद कराने वाली महिला समर्थक बीएलओ से ही उलझ गई। मजबूरन बीएलओ को वापस लौटना पड़ा। इस घटना का भी विडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बंद का नेतृत्व महनार में राजद नेता संजय राय कर रहे थे, जिन्होंने अपने समर्थकों के साथ नगर के विभिन्न हिस्सों में बंद का आह्वान करते हुए प्रदर्शन किया।
घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद युवा जदयू नगर अध्यक्ष किशन शर्मा ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बंद जनसमर्थन से होता है न कि दबाव और भय से। महनार में राजद कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर जंगलराज की झलक दिखाई है। स्थानीय लोगों ने भी बताया कि बंद कराने के दौरान समर्थकों ने दुकान के शटर पर हाथ और पैर से मारकर डराने की कोशिश की। फिलहाल यह मामला महनार में राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बना हुआ है। लोग प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।






