अररिया: अररिया जिले के नरपतगंज अंचल कार्यालय से भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई, पटना ने मंगलवार शाम बड़ी कार्रवाई करते हुए फरही पंचायत में पदस्थापित राजस्व कर्मचारी मोहम्मद इम्तियाज आलम को ₹15 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई नरपतगंज अंचल कार्यालय स्थित हल्का कचहरी परिसर में की गई, जिससे पूरे कार्यालय में हड़कंप मच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी राजस्व कर्मचारी रामघाट वार्ड संख्या-14 निवासी किसान कमलेश्वरी यादव से जमीन परिमार्जन यानी नाम और रकबा सुधार के कार्य के बदले लगातार अवैध राशि की मांग कर रहा था। पीड़ित किसान का आरोप है कि वह पहले भी कर्मचारी को पैसे दे चुका था, लेकिन इसके बावजूद उसका काम नहीं किया गया। बाद में आरोपी ने दोबारा ₹20 हजार की अतिरिक्त मांग शुरू कर दी, जिससे किसान मानसिक रूप से परेशान हो गया।
लगातार प्रताड़ना से तंग आकर किसान कमलेश्वरी यादव ने पटना जाकर विशेष निगरानी इकाई में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के सत्यापन के बाद निगरानी विभाग ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया। मंगलवार शाम जैसे ही आरोपी कर्मचारी ने ₹15 हजार की रिश्वत की रकम ली, मौके पर मौजूद निगरानी टीम ने उसे तत्काल गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी से प्रारंभिक पूछताछ की गई और फिर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उसे पटना ले जाया गया। इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व विशेष निगरानी इकाई, पटना के डीएसपी संजय कुमार वर्मा ने किया। टीम में एसआई अजय कुमार सिंह, अविनाश कुमार झा, त्रिपुरारी प्रसाद, रंजीत कुमार और पीटीसी दिलीप कुमार शामिल थे।
इस कार्रवाई के बाद नरपतगंज अंचल कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि भूमि से जुड़े कार्यों में रिश्वतखोरी आम बात हो गई थी। निगरानी विभाग की इस सख्त कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों में डर का माहौल बना है। आम नागरिकों ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत और सराहनीय कदम बताया है।







