सीतामढ़ी: जिले में 3 जनवरी 2026 वाले प्रॉपर्टी डीलर रामबाबू राय की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। अबतक की जांच में पुलिस को कई चौंकाने वाले तथ्यों का पता चला है। प्रॉपर्टी डीलर की अपराधियों ने लगातार एक माह तक पीछा किया था, फिर मौका मिलते ही गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस चर्चित हत्याकांड के तीसरे दिन पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीनों शूटर अब तक फरार हैं। एसपी अमित रंजन ने प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड में मिली सफलता का खुलासा किया।
बताया कि घटना की जांच और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए सदर डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीम गठित की गई थी। इस प्रकरण में टीम ने सबसे पहले सुरसंड थाना के करवाना कोरियाही के मनीष सिंह को हिरासत में लिया। उसके पास से बरामद मोबाइल से उक्त घटना के साक्ष्य मिले। साथ ही ग्रुप के अन्य सदस्यों का भी पता चला। फिर नगर थाना क्षेत्र के बरियारपुर गांव के लखींद्र कुमार और भैरोकोठी के चंदन कुमार को पकड़ा गया। एसपी ने बताया कि चंदन कुमार से एक देशी पिस्तौल बरामद किया गया है। चंदन ने ही हत्या की वारदात को अंजाम देने के लिए हथियार उपलब्ध कराया था। तीनों ने ही मिल कर हत्याकांड की साजिश रची थी।
इनमें से लखींद्र कुमार की मोबाइल की दुकान है। एसपी ने बताया कि घटना में शामिल अन्य अपराधियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। इनमें एक शशि राय भी है। एसपी रंजन ने बताया कि रामबाबू राय की हत्या के लिए एक महीने से कोशिश की जा रही थी। एसपी के अनुसार रामबाबू राय और शशि राय में पहले से ही काफी बिगाड़ चल रहा था। दोनों एक-दूसरे के दुश्मन थे। रामबाबू राय भी शशि राय की हत्या की कोशिश कर रहा था। लेकिन शशि राय ही इसमें कामयाब हो गया। बता दें कि तीन जनवरी को डुमरा थाना क्षेत्र के भीसा गांव में ग्रामीण रामबाबू राय की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसे तीन गोली लगी थी।







