कैमूर में राम मंदिर की तर्ज पर बनेगा भव्य दुर्गा पूजा पंडाल, खर्च होंगे 40 लाख रुपये
A grand Durga Puja pandal modeled after the Ram Mandir will be built in Kaimur; ₹40 lakh will be spent.

कैमूर। बिहार के कैमूर जिले के मोहनिया थाना क्षेत्र के डंडवा गांव में दुर्गा पूजा की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस बार यहां श्रद्धालुओं को अयोध्या के भव्य राम मंदिर की झलक देखने को मिलेगी। पंडाल समिति की ओर से राम मंदिर की तर्ज पर आकर्षक पंडाल तैयार कराया जा रहा है। इसे भव्य रूप देने के लिए करीब 35 से 40 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।

पंडाल की खास बनावट और मंदिर जैसी संरचना इसे इस बार के दुर्गा पूजा आयोजन का प्रमुख आकर्षण बनाने की तैयारी में है। समिति के सदस्य पंडाल निर्माण से जुड़े कार्यों की निगरानी कर रहे हैं, ताकि त्योहार के दौरान श्रद्धालुओं को आकर्षक धार्मिक वातावरण मिल सके।

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झारखंड के कारीगर तैयार कर रहे पंडाल

डंडवा में राम मंदिर की तर्ज पर पंडाल तैयार करने की जिम्मेदारी झारखंड के गिरिडीह निवासी कारीगर अएनुदिन अंसारी को दी गई है। वे कई वर्षों से यहां पंडाल निर्माण का काम कर रहे हैं। समिति के अनुसार, उनकी विशेषता तस्वीरों और डिजाइन को देखकर वैसी ही संरचना तैयार करना है।

पंडाल समिति के अध्यक्ष सुनील सिंह कुशवाहा ने बताया कि अएनुदिन अंसारी लंबे समय से दुर्गा पूजा के लिए पंडाल बनाते आ रहे हैं। उनकी कारीगरी और अनुभव के कारण समिति हर साल उनसे पंडाल तैयार कराने को प्राथमिकता देती है।

अध्यक्ष के मुताबिक, जिस मंदिर या धार्मिक संरचना को बनाने की योजना समिति बनाती है, कारीगर उसकी तस्वीर देखकर उसे पंडाल के रूप में उतारने का प्रयास करते हैं। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार अयोध्या के राम मंदिर की थीम चुनी गई है।

श्रद्धालुओं के लिए होगा खास आकर्षण

डंडवा में हर साल दुर्गा पूजा के दौरान पंडाल और सजावट को लेकर तैयारियां की जाती हैं। इस बार राम मंदिर की तर्ज पर पंडाल बनाने की योजना से आयोजन को विशेष पहचान मिलने की उम्मीद है। निर्माण पूरा होने के बाद श्रद्धालु यहां आकर मंदिर की शैली में तैयार भव्य पंडाल को देख सकेंगे और मां दुर्गा के दर्शन कर सकेंगे।

पंडाल समिति का प्रयास है कि धार्मिक आस्था और आकर्षक कारीगरी के मेल से इस बार का आयोजन यादगार बने। अब स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की नजरें पंडाल के निर्माण कार्य के पूरा होने पर टिकी हैं।