
गयाजी: बुद्ध की नगरी बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर के कार्यालय परिसर में बुधवार दोपहर अचानक एक ड्रोन गिर पड़ा। इससे कुछ देर के लिए वहां अफरा-तफरी मच गई। अचानक हुई इस घटना से कार्यालय में मौजूद कर्मचारी घबरा गए और यह जानने की कोशिश करने लगे कि आखिर प्रतिबंधित क्षेत्र में ड्रोन आया कहां से। सूत्रों के मुताबिक, ड्रोन मंदिर प्रबंधन समिति (BTMC) के कार्यालय में गिरा।
थोड़ी देर बाद मौके पर पहुंचे मंदिर के पुजारी और बौद्ध भिक्षुओं ने बताया कि यह ड्रोन उन्हीं का है, जिसे वे परिसर में उड़ा रहे थे। गौरतलब है कि नियमों के अनुसार महाबोधि मंदिर, BTMC कार्यालय और आसपास के क्षेत्रों में ड्रोन उड़ाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। वर्ष 2013 में आतंकी हमले के बाद इस पूरे इलाके को “नो-फ्लाई ज़ोन” घोषित किया गया था।
इतना ही नहीं, महाबोधि मंदिर यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है और यह बौद्ध धर्मावलंबियों का सबसे बड़ा तीर्थ स्थल माना जाता है, जहां रोजाना हजारों की संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच हर आने-जाने वाले की सघन जांच की जाती है, तो फिर मंदिर परिसर में ड्रोन कैसे उड़ाया गया। क्या पुजारियों और भिक्षुओं के लिए अलग नियम हैं, या सुरक्षा कर्मियों से चूक हुई? अब देखना यह होगा कि इस मामले में बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति और जिला प्रशासन क्या कदम उठाते हैं।






