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प्रेस दिवस पर “बढ़ती गलत सूचनाओं के बीच प्रेस की विश्वसनीयता की रक्षा” विषय पर परिचर्चा का आयोजन

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A discussion was organised on Press Day on the topic "Protecting the credibility of the press amidst growing misinformation".

सासाराम। सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, रोहतास के समाहरणालय स्थित डीआरडीए सभागार में रविवार को प्रेस दिवस पर “बढ़ती गलत सूचनाओं के बीच प्रेस की विश्वसनीयता की रक्षा” विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन जिला भू-अर्जन पदाधिकारी जफर हसन, जिला सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी आशीष रंजन ने संयुक्त रूप दीप प्रज्वलित करके किया। इसके बाद डीपीआरओ ने मौजूद विभिन्न मीडिया से संबंधित पत्रकारो का स्वागत करते हुए प्रेस दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, जो समाज को जागरूक करने, जनहित के मुद्दों को सामने लाने और शासन-प्रशासन एवं जनता के बीच मजबूत संवाद स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग के आगमन ने प्रेस की कार्यशैली और स्वरूप में व्यापक परिवर्तन किए हैं। इंटरनेट और स्मार्टफोन के व्यापक उपयोग ने समाचारों के प्रसार की गति को अत्यधिक तेज़ बना दिया है, जिससे सूचना कुछ ही क्षणों में लाखों लोगों तक पहुंच जाती है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन पोर्टल और सोशल मीडिया ने पत्रकारिता के दायरे और प्रभाव को कई गुणा बढ़ाया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस तेज़ी के साथ मीडिया जगत के सामने कई चुनौतियां भी आई हैं। बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने कई बार निष्पक्षता, संतुलन और तथ्यपरकता पर दबाव बनाया है। आज फेक न्यूज़ और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार का खतरा बढ़ा है, ऐसे में पत्रकारों की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है कि वे तथ्यों की जांच-पड़ताल कर सत्य समाचार जनता तक पहुंचाएं, ताकि प्रेस की विश्वसनीयता बनी रहे। उन्होंने कहा कि मीडिया की आत्म-अनुशासन व्यवस्था ही इस स्थिति का सबसे प्रभावी समाधान है। समाचारों के प्रकाशन में सतर्कता, सत्यापन और तथ्य आधारित दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सूचना विस्फोट के दौर में तेजी से आगे बढ़ने की होड़ में तथ्यात्मक त्रुटियों से बचना अत्यंत जरूरी है।

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डीपीआरओ ने कहा कि समय के साथ माध्यम भले बदल जाएं, पर पत्रकारिता का मूल उद्देश्य जनहित, सत्य का प्रसार और लोकतंत्र को मजबूत करना ही रहेगा। उन्होंने कहा कि मीडिया ने राष्ट्र और समाज की आवाज़ को सशक्त बनाया है और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में सदैव अग्रणी भूमिका निभाई है। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न पत्रकारों ने भी अपनी महत्वपूर्ण राय, अनुभव और सुझाव साझा किए। परिचर्चा में मीडिया की वर्तमान स्थिति, उसके सामने चुनौतियां और भविष्य की दिशा पर विस्तृत चर्चा हुई।

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