बेतिया: बेतिया में शिक्षा के मंदिर को शर्मसार करने वाली एक गंभीर और संवेदनशील घटना सामने आई है। कक्षा में पढ़ाई के दौरान डकार लेना 9वीं कक्षा के एक छात्र के लिए ऐसा कारण बन गया, जिसके बाद उसे शिक्षकों की कथित बर्बरता का शिकार होना पड़ा। इस घटना में छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया है। यह मामला बैरिया प्रखंड के उच्च माध्यमिक विद्यालय ओझवलिया का है, जहां 6 दिसंबर को यह घटना घटी। पीड़ित छात्र की पहचान मो. सैयद हुसैन के रूप में हुई है, जो नौवीं कक्षा में पढ़ता है। आरोप है कि कक्षा में डकार लेने पर शिक्षक सुनील कुमार पाल और संदीप कुमार राय ने पहले छात्र को डंडे से पीटा। जब छात्र ने इसका विरोध किया तो उसे कॉलर पकड़कर घसीटते हुए कक्षा से बाहर ले जाया गया।
इसके बाद दोनों शिक्षकों ने मिलकर छात्र को टाइल्स लगी जमीन पर पटक दिया और डंडे, लात-घूंसे से बेरहमी से पीटा। घटना के दौरान जब छात्र का भाई फैयाज आलम उसे बचाने के लिए आगे आया, तो शिक्षकों का गुस्सा उस पर भी टूट पड़ा। आरोप है कि फैयाज आलम की भी बेरहमी से पिटाई की गई। यह पूरी घटना विद्यालय परिसर में कई शिक्षकों की मौजूदगी में हुई, लेकिन किसी ने हस्तक्षेप नहीं किया। मारपीट के बाद मो. सैयद हुसैन की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। उसकी कमर और सिर में गंभीर चोटें आई हैं, जिसके कारण वह ठीक से चल भी नहीं पा रहा है। परिजन गहरे सदमे में हैं और बच्चे के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। पीड़ित छात्र के पिता इदरीश आलम ने बताया कि वे एक गरीब परिवार से हैं और रोजी-रोटी के लिए अक्सर घर से बाहर काम करने जाते हैं।
घटना के दिन वे बेतिया गए हुए थे। जब उन्हें बेटे के साथ हुई मारपीट की जानकारी मिली, तो वे टूट गए। उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी को लिखित शिकायत देकर न्याय की मांग की है। शिकायत में बताया गया है कि कक्षा में डकार लेने पर सैयद हुसैन समेत दो छात्रों को बाहर खींचकर जमीन पर पटक-पटक कर पीटा गया। छात्रों का आरोप है कि वे लगातार मिन्नतें करते रहे, लेकिन मारपीट नहीं रोकी गई। यह भी आरोप है कि शिक्षकों ने प्रधानाध्यापक से छात्रों को विद्यालय से निकालने की सिफारिश तक कर दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी गार्गी कुमारी ने दोनों आरोपित शिक्षकों से तीन दिनों के भीतर जवाब तलब किया है। उन्होंने कहा कि यह घटना छात्रहित के खिलाफ है और विद्यालय के शैक्षणिक माहौल को नुकसान पहुंचाने वाली है। जांच के बाद दोषी पाए जाने पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।







